नन्हा शिकायतकर्ता पहुँचा स्कूल न जाने की फरियाद लेकर।
दतिया आमतौर पर जनसुनवाई या दफ्तर में समस्याएँ लेकर आने वाले लोग बड़े-बुज़ुर्ग होते हैं, लेकिन आज का दृश्य कुछ अलग ही था। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के कार्यालय में आज सबसे छोटा शिकायतकर्ता पहुँचा।
यह नन्हा फरियादी और कोई नहीं बल्कि उनका अपना पुत्र था, जिसकी शिकायत थी कि वह स्कूल नहीं जाना चाहता,पिता और पुत्र के बीच यह मुलाक़ात न सिर्फ़ बेहद प्यारी रही, बल्कि दफ्तर का माहौल भी खुशनुमा बना दिया। छोटे शिकायतकर्ता ने मासूमियत से अपनी बात रखी और पिता ने मुस्कुराते हुए उसकी फरियाद सुनी।
अंततः यह ‘महत्वपूर्ण मामला’ मुस्कुराहटों और समझाइश के साथ निपट गया,दफ्तर के कर्मचारियों और उपस्थित लोगों के लिए यह दृश्य यादगार रहा। रोज़मर्रा की गंभीर बैठकों और प्रशासनिक कार्यों के बीच यह पल सभी के चेहरे पर मुस्कान ले आया।








