, , , ,

शिक्षा विभाग का चौंकाने वाला कारनामा – दिवंगत, स्थानांतरित और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम e-Attendance 3.0 में सक्रिय, विभाग में मचा हड़कंप।

दतिया। शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर लापरवाही सामने आई है। जिले में लागू की गई e-Attendance 3.0 प्रणाली की समीक्षा के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए है। जानकारी के अनुसार, विभागीय अभिलेखों में मृत, स्थानांतरित, और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम अब भी सक्रिय दिख रहे है और आश्चर्यजनक रूप से उन्हें e-Attendance…

2 minutes

Read Time

दतिया। शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर लापरवाही सामने आई है। जिले में लागू की गई e-Attendance 3.0 प्रणाली की समीक्षा के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए है।

जानकारी के अनुसार, विभागीय अभिलेखों में मृत, स्थानांतरित, और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम अब भी सक्रिय दिख रहे है और आश्चर्यजनक रूप से उन्हें e-Attendance लगाने की बाध्यता भी दर्शाई जा रही है। इस गंभीर त्रुटि ने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है,कहां हुई गलती? सूत्रों के मुताबिक विभागीय अधिकारियों द्वारा e-Attendance 3.0 की सही समीक्षा नहीं की गई।

वर्षों से अपडेट न किए गए डेटा के कारण ऐसी स्थिति बनी कि जिन कर्मचारियों का निधन हो चुका है, या जो अन्य जिलों में स्थानांतरित हो गए, अथवा सेवानिवृत्त हो चुके हैं — उनके नाम अब भी पोर्टल पर सक्रिय दिख रहे है।

व्यवस्था पर उठे सवाल, इस खुलासे ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।क्या e-Attendance अपडेट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने समय पर सत्यापन नहीं किया, क्या विद्यालयों से प्राप्त डाटा की जांच किए बिना ही उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया..?

क्या विभाग स्तर पर डेटा ऑडिट की कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, अधिकारियों में मचा हड़कंप, इस मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग में हड़कंप का माहौल है। उच्च अधिकारियों ने संबंधित शाखाओं से स्पष्टीकरण तलब करना शुरू कर दिया है।

संभावना है कि जल्द ही सभी विद्यालयों और संकुलों को कर्मचारी विवरण का पुनः सत्यापन करने के निर्देश जारी किए जाएँगे। शिक्षकों में नाराजगी, इसके बाद शिक्षक समुदाय में भी नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि कई बार सिस्टम में मौजूद त्रुटियों को ठीक कराने के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते है।

क्या कहता है नियम, e-Attendance 3.0 प्रणाली के तहत, केवल सक्रिय और वर्तमान में पदस्थ कर्मचारियों को ही उपस्थिती दर्ज करनी होती है, किसी भी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति, मृत्यु या स्थानांतरण की स्थिति में 24–72 घंटे के भीतर पोर्टल से नाम हटाया जाना अनिवार्य है।लेकिन दतिया जिले में यह प्रावधान नजरअंदाज कर दिया गया।

दतिया जिले में सामने आई यह लापरवाही न केवल विभागीय व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तकनीकी प्रणालियों को लागू करने से पहले डेटा का सही तरीके से सत्यापन कितना आवश्यक है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्यवाही करता है।

About The Author

Latest News

View All

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

You May Have Missed