उज्जैन | मध्य प्रदेश उज्जैन तहसील के ग्राम-ढेंडिया में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस मकान को तोड़ने के लिए प्रशासन बार-बार नोटिस जारी कर रहा है, उस मकान में एक गरीब बुजुर्ग परिवार पिछले 60 वर्षों से रह रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह परिवार दशकों से इसी मकान में निवास कर रहा है और यही उनका एकमात्र आशियाना है। हैरानी की बात यह है कि इसी मकान के लिए बुजुर्ग परिवार को इंद्रा आवास का लाभ भी मिल चुका है, इसके बावजूद अब प्रशासन उस मकान को तोड़ने की तैयारी में जुटा हुआ है।
कड़ाके की ठंड में अमानवीय कार्रवाई?इस समय क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप है। ऐसे हालात में 60 वर्षों से बसे बुजुर्ग परिवार को बेघर करने की कार्रवाई को लेकर मानवीय संवेदनाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर मकान तोड़ा गया तो बुजुर्ग परिवार सड़क पर आ जाएगा।मामले में अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस या स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए, इस भीषण ठंड में 60 वर्षों से रह रहे बुजुर्ग परिवार को बेघर करना न्यायसंगत है?









