युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण व शत-प्रतिशत प्रवेश पर जोर।
दतिया। जिले में युवाओं के कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रभावी समीक्षा, वर्तमान प्रगति पर विस्तृत चर्चा एवं आगामी योजनाओं को नई गति देने के उद्देश्य से आज गुरुवार को कलेक्टर कक्ष में जिला कौशल विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने की।
बैठक में कलेक्टर वानखड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के युवाओं को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के साथ-साथ प्लेसमेंट सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है, इसके लिए निजी क्षेत्र, उद्योगों एवं प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय और सशक्त किया जाए। कलेक्टर वानखड़े ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त माध्यम हैं।
इससे न केवल जिले में बेरोजगारी की समस्या कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी और जिले की समग्र आर्थिक प्रगति को नई दिशा प्राप्त होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना तथा जिले में संचालित आईटीआई कार्यक्रमों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए।
साथ ही आगामी नवीन शैक्षणिक सत्र में आईटीआई एवं अन्य कौशल विकास पाठ्यक्रमों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए,
कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से युवाओं और अभिभावकों को कौशल विकास एवं आईटीआई पाठ्यक्रमों के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए,
ताकि अधिक से अधिक युवा तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण से जुड़ सकें। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कौशल विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आपसी समन्वय के माध्यम से योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर लोकेन्द्र सिंह सरल, संयुक्त कलेक्टर श्रृति अग्रवाल, प्राचार्य आईटीआई, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, महाप्रबंधक उद्योग विभाग, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।









