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बिहार। मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पत्रकारिता प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन समारोह

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार

मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के द्वारा सत्र – 2025 / 2026 के अंतर्गत पत्रकारिता छात्रों का सिटीजन आवाज़ समाचार पत्र एवं न्यूज़ चैनल संपादकीय कार्यालय, लहेरियासराय हाऊसिंग बोर्ड में चल रहें 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन के अंतिम दिन छात्रों ने अपने – अपने प्रतिभा को निखारने का काम किया। सभी छात्रों ने ईमानदारी और जवाबदेही पत्रकारिता का वचन देते हुए कहाँ कि हम समाज का दर्पण बनेंगे और समाज के कुरुतियों पर भी प्रहार करेंगे।

15 दिवसीय चलने वाले प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य तौर पर समाचार, लेखन, संपादन, रिपोर्टिंग, इंटरव्यू एवं डिजिटल मीडिया पर केंद्रित रहा।

सिटीजन आवाज़ समाचार पत्र के मुख्य संपादक पंकज कुमार झा ने सभी छात्रों को शालीनता से पत्रकारिता सम्बन्धी प्रशिक्षण देते हुए,कहाँ कि इतने दिनों में प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों को रिपोर्टिंग में निष्पक्षता, सटीकता एवं सत्य निष्ठा जरूरी का पाठ मैंने पढ़ाया।

साक्षात्कार से पहले सम्बंधित विषय वस्तु का गहन अध्ययन जरुरी होता हैं। उन्होंने कहाँ कि संविधान के अनुच्छेद 19 ( 1 ) क के तहत भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत प्रेस की स्वतंत्रता के अधिकार पर छात्रों के बीच चर्चा की गई।

संविधान के अनुच्छेद 19 ( 2 ) के तहत पत्रकारों को प्राप्त अधिकारों के तहत राज्य इन अधिकारों पर भारत की संप्रभूता, सुरक्षा, न्यायालय की अवमानना, प्रतिष्ठा एवं नैतिकता में आधार पर प्रतिबन्ध लगा सकती हैं।

15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के एच डी ओ हिन्दी विभाग के प्रोफेसर उमेश कुमार एवं पी आर ओ डॉ. आर एन चौरसिया पहुंचे अतिथियों ने छात्रों को पत्रकारिता में शालीनता, जिम्मेदारियां, नैतिकता, जनहित, समाजहित, राष्ट्रहित, निष्पक्षता, सत्यता एवं निष्पक्ष पत्रकारिता से समाज में मिलने वाले सम्मान पर प्रकाश डाले।

स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रदीप कुमार नायक ने पत्रकारिता प्रशिक्षण के अंतर्गत छात्रों को समाचार लेखन, संपादन, रिपोर्टिंग, हेडिंग लेखन, विभिन्न मुद्दों के गुण की जानकारी दिए। उन्होंने कहाँ कि मीडिया प्रशिक्षण आपको मीडिया जगत और समाचारो को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता हैं।

इससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि एक बेहतरीन कहानी क्या होती हैं, और कवरेज पाने के लिए किसी पत्रकार से कैसे संपर्क किया जाय। आपको मीडिया से संवाद करने और साक्षात्कार को नियंत्रित करने का आत्मविश्वास भी प्राप्त होगा। उन्होंने छात्रों को समझाते हुए कहाँ कि लोकतंत्र की असली ताकत विश्वसनीय पत्रकारिता होती हैं।

अभी हॉल ही में मैने मधुबनी जिले के राजनगर स्थित पब्लिक लाइब्रेरी की आमसभा के व्यवस्था, पारदर्शिता और उद्देश्य पर सवाल उठाया हैं।

पत्रकार का काम सरकार, शासन – प्रशासन और समाज को जगाना हैं।

पत्रकारिता समाज का दर्पण और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, जो जनता को सटीक, निष्पक्ष और समय पर सूचनाएं प्रदान कर जागरूक बनाता हैं, जनमत का निर्माण करती हैं, तथा भ्रष्टाचार व अन्यायों को उजागर कर सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

सिटीजन आवाज़ के कंसलटिंग एडिटर ललन झा ने छात्रों से पत्रकारिता में निष्पक्षता , पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक जागरूकता को लेकर विस्तार से चर्चा की। सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों और उनकी गुणवत्ता एवं सत्यता को लेकर चर्चा हुई।

छात्राओं ने भी वर्तमान रिपोर्टिंग पर अपने – अपने अनुभव और विचार रखें। कार्यशाला संचालन सहयोगी के रूप में सिटीजन आवाज़ इंटर्न रंजन कुमार भी उपस्थित रहें।

अधिवक्ता पुरुषोत्तम कुमार ने छात्रों के बीच पाक्सो एक्ट मामले में रिपोर्टिंग पर लीगल प्रावधान रखें। पाक्सो मामले में मीडिया को रिपोर्टिंग पर कानूनन प्रतिबन्ध पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहाँ कि पाक्सो मामले में मीडिया को रिपोर्टिंग करते समय आवश्यक रूप से कुछ सावधानियां बरतने की जरुरत हैं।

पीड़िता की पहचान उजागर करना न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित हैं, जिसका खास ख्याल रखना चाहिए। पीड़िता के नाम, स्थान और पहचान से सम्बंधित जानकारी दिखाना कानूनन अपराध हैं।

पत्रकारिता प्रशिक्षण पेशेवर कौशल, नैतिकता और तकनीकी ज्ञान के लिए आवश्यक हैं, जो सटीक और निष्पक्ष समाचार रिपोर्टिंग सुनिश्चित करता हैं।

यह पत्रकारों को जटिल मुद्दों को समझने, कानून की समझ रखने, मीडिया कानूनों का पालन करने और डिजिटल युग में मल्टी मीडिया टूल्स का उपयोग करने में सक्षम बनाता हैं, जो लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरुरी हैं। पत्रकारिता का मूल धर्म सत्ता या व्यवस्था के आगे झुकना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना हैं।

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