राजगढ़ में आदिवासी समाज का बड़ा आंदोलन 27 जुलाई को SP को सौंपा जाएगा ज्ञापन, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल l
राजगढ़ जिले में भील-भिलाला आदिवासी समाज से जुड़े कथित अत्याचार और मारपीट के मामलों को लेकर समाज में आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ब्यावरा में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में भील-भिलाला समाज ने 27 जुलाई को पुलिस अधीक्षक राजगढ़ को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। समाज का आरोप है कि कई मामलों में समय पर एफआईआर दर्ज नहीं होती और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है।राजगढ़ जिले के ब्यावरा स्थित अंजनी लाल मंदिर में भील-भिलाला आदिवासी समाज की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता समाज के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व डिप्टी कलेक्टर गोपाल सिंह भिलाला ने की।बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज के साथ मारपीट और कथित अत्याचार के मामलों में कई बार पुलिस द्वारा समय पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती तथा दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
इसी विषय को लेकर समाज ने गहरी चिंता और नाराज़गी व्यक्त की।बैठक में ब्यावरा तहसील के पडोनिया में हुऐ जमीनी विवाद में गंभीर घायल परिवार एवं चीरापुर तहसील के काचीखेड़ी गांव में पप्पू भील के परिवार पर जानलेवा मामला, तथा आंखखेड़ी (बोडा) में तलवार से हुए हमले सहित कई मामलों का उल्लेख किया गया है ।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।बैठक में राजगढ़ के अलावा गुना, शाजापूर, चाचौड़ा और बीनागंज क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में समाज जन शामिल हुए।
इस दौरान समाज के नारायण सिंह बिंदल भील, पंचम भील, रमेश डाबर, रवि खरोटिया, दशरथ सिंह, देवेंद्र सिंह भिलाला, मुकेश पंडा, मांगीलाल भिलाला,करण सिंह राम भील मामा, समंदर सिंह, चंदर सिंह, सीताराम, धीरज सिंह तथा जयस के संरक्षक सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 जुलाई को बड़ी संख्या में राजगढ़ पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। समाज ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।