लेख

भारत में वर्तमान कानून व्यवस्था पर सवाल ?

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार_ कानून का राज किसी भी लोकतंत्र की रीढ़...

सेवा, संकल्प, समर्पण के सौ वर्ष के तहत जनकल्याणकारी उपलब्धियों का प्रदर्शन

सेवा, संकल्प, समर्पण के सौ वर्ष के तहत जनकल्याणकारी उपलब्धियों का प्रदर्शन प्रदीप कुमार नायक...

तानाशाह सरकार के पास गोली और बंदूक “युवाओं के पास जोश, हौसला और संविधान पर अटूट विश्वास प्रदीप कुमार नायक

स्वतंत्र लेखक एवं इतिहास हमेशा एक ही कहानी दोहराता है। एक तरफ सत्ता होती है...

जब शिक्षा सड़क पर हो और सत्ता खामोश

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार दिल्ली से मधुबनी तक धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ...

दिलीप सिंह बामनिया होंगे डॉक्टरेट की मानद उपाधि से 16 को दिल्ली में सम्मानित

सोशल वर्क में डॉक्टरेट अमेरिका इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी(USA) द्वारा 16/07/26 को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब...

देश में धर्म, जाति, क्षेत्र आदि को लेकर दोहरी मानसिकता क्यों?

कानून सभी के लिए बराबर हे तो एक तरफ आतंकवादी, नक्सली खालिस्तानी माओवादी दूसरी तरफ...

बिहार। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल श्रम उन्मूलन की शपथ

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार विश्व बाल श्रम दिवस के अवसर पर हम...

भ्रष्टाचार इस कदर फैला कि मानो हमें अंग्रेजी राज से नहीं बल्कि घोटाला करने की आजादी मिल गई हो?

लोकतंत्र बनाम लोकनियुक्ततंत्र प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार आज़ादी के बाद देश मे...

वैदिक सभ्यता संस्कृति में स्त्रियों का स्थान पुरुषों से अधिक

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार आजकल ऐसा रिवाज़ चल पड़ा है, कि स्त्रियां...