31,15,630 दीपकों की रोशनी से बना नया कीर्तिमानपीएम मोदी वह सब काम कर रहे हैं, जो रामराज्य में होता था’:
मुख्यमंत्री डॉ. याद50 लाख ग्रामीणों को नि:शुल्क स्वामित्व की सौगात और बाबा महाकाल पर आधारित ग्रंथ का हुआ भव्य विमोचनसायरन बजते ही 3 मिनट में जगमगा उठी मोक्षदायिनी शिप्रा
शाहपुरा, भीलवाड़ा (राजस्थान)-राजेन्द्र खटीक।
उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 74वें जन्मदिवस तथा उनके 25 वर्षों के सफल प्रशासनिक व राजनीतिक सेवा काल के पावन अवसर पर अवंतिका नगरी उज्जैन में आस्था और सेवा का नया इतिहास रचा गया। पवित्र शिप्रा नदी के तटों से लेकर श्री महाकाल महालोक तक आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पूरा शहर अलौकिक स्वर्णिम आभा में नहा उठा। शिप्रा तट पर दीपोत्सव समारोह
को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में वह सब काम किया है जो रामराज्य में होता था। उन्होंने निरंतर कठिन मेहनत कर देश को आगे बढ़ाया है और 25 वर्षों के सेवाकाल में एक दिन भी छुट्टी नहीं ली है। वे गरीबों को मकान और निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का पुण्य कार्य कर रहे हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 50 लाख से अधिक ग्रामीण
परिवारों को उनके मकान व खेत-खलिहानों के पट्टों की नि:शुल्क रजिस्ट्री की सौगात दी है।इस गरिमामयी आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीनऔर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में केवल रामघाट पर ही 31,15,630 दीप प्रज्ज्वलित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया, जबकि संपूर्ण नगरी में कुल 33,27,125 दीयों का विशाल दीप
-संसार सजाया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर बाबा महाकाल पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।संध्या काल में जैसे ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथियों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया, वैसे ही गूंजे एक सायरन ने हजारों युवाओं को नई ऊर्जा से भर दिया। सेक्टर वाइज तैनात 26 हजार से अधिक मुस्तैद
वॉलंटियर्स ने महज 3 मिनट के भीतर रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर, सुनहरी और भूखी माता घाट को दीयों की रोशनी से सराबोर कर दिया। 19 प्रमुख घाटों, महाकाल लोक और कार्तिक मेला मैदान का कोना-कोना सोने की तरह दमकने लगा।शिप्रा तट पर दीपोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री
नरेन्द्र मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में वह सब काम किया है जो रामराज्य में होता था। उन्होंने निरंतर कठिन मेहनत कर देश को आगे बढ़ाया है और 25 वर्षों के सेवाकाल में एक दिन भी छुट्टी नहीं ली है। वे गरीबों को रहने के लिए मकान और जीवन यापन के लिए निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का पुण्य कार्य कर रहे हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मध्य
प्रदेश सरकार ने राज्य के 50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनके मकान व खेत-खलिहानों के पट्टों की नि:शुल्क रजिस्ट्री की सौगात दी है।इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि पीएम मोदी ने पूरे देश में सांस्कृतिक विरासत को मजबूत किया है और सनातन धर्म का परचम फहराया है। वर्ष 2014 में केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि सोच का परिवर्तन हुआ है।
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल में आम लोगों की तकलीफों को दूर करने का अप्रतिम कार्य किया है। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंघी, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा, सतीश मालवीय, गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष ओम जैन, नगर निगम सभापति कलावती यादव, सिंहस्थ मेला
प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।50 लाख परिवारों को नि:शुल्क रजिस्ट्री की ऐतिहासिक सौगातसमारोह के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह घोषणा की कि ‘स्वामित्व योजना’ के तहत प्रदेश के ग्रामीण अंचल के 50 लाख गरीब परिवारों को उनकी संपत्तियों का मालिकाना हक (नि:शुल्क रजिस्ट्री) पूरी तरह मुफ्त दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से यह रोशनी केवल घाटों तक सीमित न
रहकर हर वंचित के घर में नई सुबह का संदेश लाएगी।9 लाख दीपों से उभरी पीएम मोदी की 50 हजार वर्गफीट की महाआकृतिकार्तिक मेला ग्राउंड पर उस समय हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया जब 50 हजार वर्गफीट के विशाल क्षेत्रफल में 9 लाख जगमगाते दीयों की मदद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य पोर्ट्रेट (प्रतिकृति) जगमगा उठा। आर्टिस्ट फाल्गुनी अग्रवाल और उनकी टीम द्वारा तैयार की गई इस कलाकृति ने राष्ट्र निर्माण के 25 वर्षों के
समर्पण को अद्भुत रूप में प्रदर्शित किया।इतिहास के पृष्ठों से और बाबा महाकाल ग्रंथ का भव्य विमोचनसांस्कृतिक वैभव के इस महामंच से श्री महाकालेश्वर मंदिर की महत्ता पर केंद्रित पुस्तक ‘इतिहास के पृष्ठों से’ तथा बाबा महाकाल की महिमा, स्वरूप एवं धार्मिक विरासत पर आधारित विशेष ग्रंथ का विमोचन किया गया। अतिथियों ने इस ग्रंथ को अवंतिका की भावी पीढ़ियों के लिए एक अनमोल आध्यात्मिक धरोहर करार दिया।शंखावर्त, नौका
विहार और 20 मिनट तक सतरंगी हुआ गगनराष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने दत्त अखाड़ा घाट से रामघाट तक नौका विहार कर लाखों श्रद्धालुओं के जनसैलाब का अभिवादन स्वीकारा। इसके बाद भव्य शिप्रा आरती और 20 मिनट तक चली गगनभेदी आतिशबाजी ने माहौल में चार चांद लगा दिए। प्रसिद्ध टीवी कलाकार शैलेश लोढ़ा के सारगर्भित वाचन, भाविन शास्त्री के सुरम्य भजनों और ‘द महाकाल
Great’ की प्रस्तुतियों से दर्शक देर रात तक भक्ति रस में गोते लगाते रहे।सदावल हेलीपैड से चौराहे तक 100 से अधिक मंचों से स्वागतउज्जैन आगमन पर सदावल हेलीपैड पर महापौर मुकेश टटवाल व नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत
किया। सदावल से शंकराचार्य चौराहे के पूरे मार्ग पर 100 से अधिक मंचों से एक क्विंटल से अधिक फूलों की बारिश की गई। रामघाट पर अतिथियों को पगड़ी पहनाकर और बाबा महाकाल की दिव्य प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।33 लाख से अधिक दीपक प्रज्ज्वलित होने से बना नया रिकॉर्डशिप्रा नदी के रामघाट सहित अन्य घाटों पर 31 लाख 15 हजार 630 दीप जलाकर एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया, जिसने पुराने सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। पूरे शहर के विभिन्न घाटों और धार्मिक
स्थलों को मिलाकर कुल 33,27,125 दीये प्रज्ज्वलित हुए, जिससे पूरी अवंतिका नगरी स्वर्णिम रोशनी में नहा उठी। श्रद्धालुओं और शहरवासियों की अभूतपूर्व भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।25 हजार वॉलंटियर्स का महा-समर्पणइस आयोजन को शून्य-त्रुटि के साथ बेहद अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स ने अपने असाधारण समर्पण का परिचय दिया। शहर के युवाओं और कार्यकर्ताओं को सेक्टर वाइज ब्लॉकों में बांटा गया था, जिन्होंने हर दीये में तेल ढालने और कपूर युक्त बाती सजाने का काम समय रहते पूरा
किया और सायरन बजते ही मात्र 3 मिनट में पूरे घाटों को रोशन कर दिया।50 लाख ग्रामीणों को मुफ्त संपत्ति हकप्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को जन-सेवा से जोड़ते हुए ‘स्वामित्व योजना’ के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 50 लाख ग्रामीण परिवारों को जमीन व मकान की नि:शुल्क रजिस्ट्री सौंपने की ऐतिहासिक शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रथम चरण में ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को उनकी संपत्ति का
मालिकाना हक पूरी तरह मुफ्त देकर सशक्त बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अब ग्रामीणजन भी अपनी सम्पत्ति की रजिस्ट्री करवाकर उसका लाभ उठा सकेंगे। वह कम दर पर संपत्ति के आधार पर लोन ले सकेंगे। साथ आसानी से संपत्ति का नामांतरण भी करवा सकेंगे। इसके अलावा कई नए फायदे होंगे।50 हजार वर्गफीट में नमो की दीपोत्सव आकृतिआयोजन का सबसे मुख्य और नयनाभिराम आकर्षण कार्तिक मेला मैदान पर देखने को मिला, जहाँ लगभग 50 हजार वर्गफीट के विशाल कैनवास पर 9 लाख दीयों की सहायता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशाल पोर्ट्रेट उकेरा गया। आर्टिस्ट
फाल्गुनी अग्रवाल और उनकी समर्पित टीम द्वारा तैयार की गई यह अनूठी दीप-आकृति पीएम मोदी द्वारा राष्ट्र निर्माण में दिए गए 25 वर्षों के योगदान के प्रति आदर का प्रतीक बनी।बाबा महाकाल पर आधारित पुस्तक विमोचनसांस्कृतिक मंच से श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रामाणिक इतिहास और बाबा महाकाल की महिमा पर आधारित विशेष धार्मिक ग्रंथ ‘इतिहास के पृष्ठों से’ का भव्य विमोचन शीर्ष
नेताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस पुस्तक में उज्जैन के धार्मिक महत्व, मंदिर के ऐतिहासिक साक्ष्यों और अवंतिका की सांस्कृतिक धरोहर का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज सिद्ध होगी।11 हजार दीपों से सजा कालभैरव परिसरमुख्य घाटों के साथ-साथ शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी
जबरदस्त दीपोत्सव मनाया गया। प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर परिसर तथा सिख समाज द्वारा श्री गुरुद्वारा गुरुनानक घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। गुरुद्वारा परिसर में समाजजनों ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु व स्वस्थ जीवन के लिए विशेष अरदास की
और श्रद्धालुओं के बीच अटूट लंगर का वितरण किया गया।जलमार्ग से अभिवादन और महाआरतीसमारोह के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने दत्त अखाड़ा घाट से लेकर ऐतिहासिक रामघाट तक नौका विहार किया और जलमार्ग से शिप्रा तट पर
उमड़े लाखों श्रद्धालुओं के विशाल जनसैलाब का अभिवादन स्वीकार किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत सहित सभी शीर्ष नेताओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माँ शिप्रा की भव्य महाआरती में भाग लिया।शैलेश लोढ़ा और भजनों की स्वर लहरीदीपोत्सव की शाम को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए
भव्य मंच सजाया गया था। प्रसिद्ध मंच संचालक और टीवी कलाकार शैलेश लोढ़ा ने अपने प्रभावी नरेशन और सारगर्भित कथावाचन से उज्जैन की पौराणिक गाथा को जीवंत कर दिया। इसके साथ ही पार्श्व गायक भाविन शास्त्री के भक्तिमय भजनों और युवा भजन जमिंग की मधुर स्वर लहरियों ने उपस्थित अपार जनसमूह को देर रात तक भक्ति रस में बांधे रखा।सुरक्षा का अभेद्य दुर्ग बनी अवंतिकालाखों की भीड़ और कई अतिविशिष्ट हस्तियों (VIPs) के
मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए थे। शहर भर में 3 हजार से अधिक पुलिस जवान सुरक्षा का मोर्चा संभाले हुए थे, जबकि ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए 450 मुस्तैद ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सटीक थी कि इतना बड़ा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।20 मिनट की सतरंगी आतिशबाजीघाटों पर दीयों की
जगमगाहट के बीच जैसे ही आसमान में गगनभेदी आतिशबाजी का प्रदर्शन शुरू हुआ, पूरा शहर खुशी से झूम उठा। लगभग 20 मिनट तक चली इस रंग-बिरंगी और भव्य आतिशबाजी से अवंतिका का गगन भाँति-भाँति के सतरंगी रंगों से भर गया। दीपों की रोशनी और आतिशबाजी के संगम के बीच पूरा उज्जैन शहर ‘जय श्री महाकाल’ के गूंजते जयकारों से सराबोर हो गया।