दतिया ब्रेकिंग।
दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने जिले में कानून-व्यवस्था और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है।
अब जिले में कोई भी व्यक्ति, संगठन या संस्था बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के धरना, प्रदर्शन, रैली, नारेबाज़ी या ज्ञापन जैसे कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकेगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संगठन इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इसमें दंड का प्रावधान भी रहेगा। प्रशासन ने इस आदेश को आवश्यक बताते हुए कहा कि अनियंत्रित धरना-प्रदर्शन और रैलियों से अक्सर जनजीवन प्रभावित होता है।
यातायात बाधित होता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा बना रहता है,अधिकारियों ने यह भी अपील की है कि आमजन और संगठन अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। शांति, सौहार्द और अनुशासन ही समाज की ताक़त है और हर आंदोलन या कार्यक्रम लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर ही किया।
जाना चाहिए,अब से जिले में किसी भी प्रकार के आंदोलन, सभा या रैली के आयोजन से पहले अनिवार्य रूप से प्रशासनिक अनुमति लेना आवश्यक होगा। प्रशासन का यह कदम जिले में कानून व्यवस्था को मज़बूत करने और आम जनता को असुविधा से बचाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

























