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26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है :

नीलम अंबेडकर हरियाणा

26 जनवरी 1949 को भारत की संविधान सभा ने अपनाया था, और और देश में लागू 26 जनवरी 1950 में किया गया। डॉ बी आर अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए भारत के संविधान को लागू करके ब्रिटिश साम्राज्य के साथ-साथ अंतिम संवैधानिक संबंधों को भी समाप्त कर दिया गया। आज हमें कुछ करने की, बोलने की या कहीं भी घूमने की जो भी आजादी मिली हुई है

वो सब हमारे संविधान की वजह से ही मिली हुई है। 26 जनवरी 2026 यानी कि आज के दिन ही हम सब 77 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं।गणतंत्र (Republic)गणतंत्र यानी लोकतंत्र :जिस देश में राजा का बेटा राजा नहीं, वंश के अनुसार नहीं, और ना ही धर्म के अनुसार बल्कि अपनी योग्यता और शिक्षा के अनुसार जनता के द्वारा चुना जाएगा। यही हमारा संविधान कहता है। “

गण”+”तंत्र”= गणतंत्र यानी लोगों के द्वारा चुना गया लोकतंत्र।गण= जनता, तंत्र= शासन प्रणाली।जिसका अर्थ हुआ जनता के लिए जनता के द्वारा चुना गया चलाया गया शासन।यह दिन इसलिए भी मनाया जाता है कि हमें याद रहे की कोई भी इंसान देश सरकार और कानून से ऊपर नहीं है।

हम सबको संविधान के अनुसार रहना चाहिए उसका पालन करना चाहिए और अपने देश का स्वाभिमान बनाए रखना चाहिए यही हम सब की पहचान है। और यह देश का तिरंगा हम सब की शान बान और जान है। हमारा राष्ट्र ध्वज सम्मान का प्रतीक है, और संविधान में उसकी आत्मा बस्ती है।जय हिंद जय भारत जिला चीफ़ ब्यूरो सोनीपत हरियाणा नीलम अंबेडकर

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