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मैं बैरी सुग्रीव प्यारा, कारण कवन नाथ मोहि, मारा रामलीला के मंचन के दौरान श्री राम ने किया महाबली बाली का वध।

दतिया। जिले के किला चौक पर चल रही भव्य रामलीला के सातवें दिन बाली सुग्रीव युद्ध प्रसंग का हुआ मंचन किया गया। प्रसंग के दौरान युद्ध के दौरान सुग्रीव ने भाई बाली से मार खाई तो इस पर दर्शक और खिलखिला कर हंसे तो कभी उदास भी हुए। अंत में श्री राम ने पेड़ की…

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दतिया। जिले के किला चौक पर चल रही भव्य रामलीला के सातवें दिन बाली सुग्रीव युद्ध प्रसंग का हुआ मंचन किया गया। प्रसंग के दौरान युद्ध के दौरान सुग्रीव ने भाई बाली से मार खाई तो इस पर दर्शक और खिलखिला कर हंसे तो कभी उदास भी हुए।

अंत में श्री राम ने पेड़ की आड़ से बाली का का वध कर दिया। इस पर बाली ने मरणासन्न हालत में कहा कि मैं क्यों दुश्मन हूं और भाई सुग्रीव क्यों प्यारा है।किला चौक पर रामलीला के मंचन के जैसे ही दिन गुजरते जा रहे है, दर्शकों का उत्साह और उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

सोमवार की रात रामलीला के मंचन से पूर्व मुख्य अतिथि के रूप में एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन, थाना प्रभारी कोतवाली धीरेंद्र मिश्रा, थाना प्रभारी सिविल लाइन सुनील बनोरिया, यातायात प्रभारी सपना शर्मा मौजूद रहे। अतिथियों ने रामलीला के मंचन को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्री राम के चरित्र से हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। इस दौरान जिले के पाल समाज के कई पदाधिकारियों का शॉल और श्रीफल से भी सम्मान किया गया।

अतिथियों ने मंच पर भगवान के स्वरूप की आरती उतारी। इस दौरान रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष बलदेव राज बल्लू, मनोज गोस्वामी, सतीश उदैनियां, नीलम उदैनियां, रमेश परिहार, मानवेंद्र तोमर, जयराम यादव, सुनील कुकरेजा, शकुंतला जाटव, उमा यादव, प्रवीण भोंडेले, मनीष शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

मंच का संचालन रवि भूषण खरे और रामजी शरण राय ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में मंच पर वरिष्ठ नेता डॉ .रामजी खरे मौजूद रहे । उन्होंने रामलीला कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन नहीं बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीलाओं का वर्णन है। इससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए ।

उन्होंने कहा रामलीला केवल भारत में ही नहीं अन्य देशों में भी होती है। सोमवार को रामलीला के दौरान रावण ने भगवान श्री राम की पत्नी सीता का हरण किया। जब भगवान श्री राम लक्ष्मण वन में भटक रहे थे तभी उनकी मित्रता श्री हनुमान, सुग्रीव, जामवंत समेत उनके अन्य साथियों से हुई। बाली सुग्रीव का युद्ध हुआ। इसके अलावा कई अन्य प्रसंगों का मंचन हुआ। रामलीला का आयोजन भगवंत मंडल के सहयोग से किया जा रहा है।

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