राजगढ़/सारंगपुर। अंधेर नगरी में यहां वही खबर है जो मीडिया में शायद ही प्रमुखता से उठाया होगा। सारंगपुर भी अंधेर नगरी से कम नहीं है। यहां वो होता है जो शायद किसी ओर विधानसभा में होता होगा। हालांकि कि हालत पुरे प्रदेश में एक से देखने को मिलता है।
किसी ने कहा है कि नियम बनाए ही तोड़ने के जातें हैं? सारंगपुर में ऐसे घटनाएं हो रही है लेकिन चुपचाप जनता सुनती हैं, देखती है और निकल जाते हैं। सारंगपुर में अफिम, गांजा, चरस, इंजेक्शन, सट्टा, जुआ बहुत सक्रिय हो गया है। गौवंश की चिंता करने वाले भी सड़कों पर आंखें मूंदकर कर निकल रहें हैं। कालीसिंध नदी का पुल जस का तस है। पाडल्या रोड पर रेलवे अंडरब्रिज में स्विमिंग पूल बन गया है। अतिक्रमण की कोई मुहिम नहीं है।
ऐसे बहुत किस्से केवल सुनने को मिलते हैं। अब कोई भी आवाज़ कौन उठाएगा और क्यों उठाएगा? सारंगपुर के अधिकतर पत्रकार मंत्री महोदय की वाहवाही में व्यस्त हैं। विपक्ष तो मानो काल के गाल में समा गया है या कुंभकर्ण की नींद सो रहा है चुनाव के समय ही उठेगा? आज सारंगपुर में सही को सही और ग़लत को ग़लत कहने वाला नहीं बचा है। अब आम आदमी तो बोलने से रहा।
वहीं थाना, तहसील, जनपद पंचायत आदि विभाग भी सुस्त दिखाई दे रहे हैं जहां भी अपनी बात रखना हो उससे पहले सेवा सदन में सेवा करने का आदेश मिलता है ऐसा सारंगपुर की गलियों में चर्चा घुम रही है।
अब आते हैं मुद्दे की बात पर 2 अक्टूबर 2025 को पुरे देश में 2 महत्वपूर्ण दिन थे। एक हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा दशहरा मनाया गया और दुसरा गांधी जयंती मनाई गई। इस दिन पुरे देश में शुष्क दिवस मनाया जाता है इसका मतलब है कि इस दिन पुरे देश में शराब ठेके पुर्णता बंद रहते हैं।
कोई भी शराब बेच नहीं सकते हैं। लेकिन इस दिन को लोगों ने खास बना दिया इसका कारण था दशहरा। लेकिन शराब दुकान बंद होने के बाद भी आधी रात तक शहरों में, गांव में, सारंगपुर में पुलिस थाना के सामने थोड़ी दूर पर एक शराब ठेका है वहीं पर रात में बोरी में भरकर शराब माफिया निडर होकर दारू बेच रहे थे।हमारा सवाल यह है कि शराब माफिया निडर होकर दारू बेच रहे थे तो इतनी हिम्मत कहां से मिलती है। शासन प्रशासन को सब कुछ पता रहता है लेकिन जब उजागर होता है तो इतिश्री करने पहुंच जाते हैं।
सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में क्षेत्र के राज्य मंत्री गौतम टेटवाल है और उज्जैन, बड़वानी के प्रभारी मंत्री भी बनाए गए हैं। ऐसे मंत्री के आवास से कुछ ही दूरी पर बोरी में भरकर दारू बिक रही थी। यहां बहुत शर्म की बात है। यहां वो मार्ग है जो बायपास से पहले हाइवे निकलता था ऐसे व्यस्त मार्ग पर एक तरफ थाना और दुसरी तरफ मंत्री जी का सेवा सदन, दोनों के नाक के नीचे से शुष्क दिवस पर निकल रही थी शराब।
लोगो का कहना है कि सारंगपुर में कमिशन चल रहा है कमिशन में आप कुछ भी कर सकते हैं। क्षेत्र में कहीं जगह अवैध धंधे भी सक्रिय हैं? ऐसे में सारंगपुर के विधायक और राज्य मंत्री गौतम टेटवाल की छवि धुमिल होना लाजिमी है इन विषयों पर मंत्री महोदय को ध्यान देना चाहिए।








