दतिया। 1 साल में 96 क्लीनिक चालू, मरीज की मौत पर झोलाछाप क्लीनिक पहले सील, फिर 10-10 हजार में डील, नाम-पते बदलकर फिर चालू” शीर्षक समाचार पर संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा ने जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान झांसी रोड, दिनारा रोड के साथ भाण्डेर, उनाव, इंदरगढ़ एवं सेंवढ़ा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित कई क्लीनिक बंद कर नोटिस चस्पा किए गए। सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम झांसी रोड स्थित डी.के. विश्वास के क्लीनिक पर पहुंची।
टीम को देखकर क्लीनिक संचालक मौके से फरार हो गया। निरीक्षण के बाद क्लीनिक को बंद कराया गया और नोटिस चस्पा किया गया।
बाद में डी.के. विश्वास स्वयं सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे और लिखित बयान में कहा कि उनके द्वारा किसी को 10 हजार रुपये नहीं दिए गए और न ही उनसे किसी ने मांगे। सीएमएचओ ने उन्हें चेतावनी दी कि क्लीनिक दोबारा बिना पंजीयन के नहीं खोली जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद टीम दिनारा रोड स्थित जाकिर खान क्लीनिक पर पहुंची, जहां जाकिर खान मौजूद नहीं था, बल्कि कोई अन्य व्यक्ति मरीज देखता मिला, जो टीम को देखकर भाग गया। क्लीनिक से उपचार संबंधी उपकरण जब्त किए गए एवं क्लीनिक सील कर नोटिस चस्पा किया गया।
सेंवढ़ा विकासखंड में पूर्व में मरीज की मृत्यु पर सील की गई होम्योपैथी क्लीनिक अब भी बंद है। इस संबंध में सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि झोलाछाप व्यक्तियों द्वारा लेन-देन संबंधी जो दावे किए जाते हैं, वे पूर्णतः निराधार है।
सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में बिना पंजीयन के संचालित कोई भी क्लीनिक दोबारा खुला पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








