कैदियों को कानूनी अधिकारों, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक।
दतिया।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, मध्यप्रदेश, जबलपुर के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में 9 से 14 नवम्बर 2025 तक “ विधिक सेवा सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिला जेल दतिया में एक दिवसीय विधिक सहायता कैम्प का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों, पुनर्वास प्रक्रियाओं,
और निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में न्यायाधीश स्वप्निल वर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी विभूति तिवारी, तथा लीगल एड एंड डिफेंस काउंसिल के चीफ के.एन. श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे। कैम्प के दौरान अधिकारियों द्वारा कैदियों को बताया गया
कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है, विशेष रूप से उन लोगों तक जो आर्थिक, सामाजिक या शैक्षणिक कारणों से विधिक सेवाओं से वंचित रहते है। कैदियों को मुफ्त कानूनी सहायता, अपील दायर करने की प्रक्रिया, लंबित प्रकरणों की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने तथा पुनर्वास के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई
,शिविर में विशेष रूप से यह बताया गया कि विधिक सहायता केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक और सामाजिक पुनर्वास भी शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि न्याय केवल सजा नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया है।
इसी दृष्टिकोण से जेल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने, और समाज में पुनर्मिलन से जुड़ी आवश्यक सलाहें भी दी गईं। इस अवसर पर सजायाफ्ता कैदियों से उनके अपील संबंधी मामलों की जानकारी प्राप्त की गई,
वहीं हवालाती बंदियों से यह
पूछा गया कि क्या उनके पास अभिभाषक (वकील) उपलब्ध है या नहीं। जिन बंदियों के पास विधिक प्रतिनिधि नहीं थे, उन्हें तुरंत जिला विधिक सहायता प्राधिकरण से निःशुल्क वकील उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला बैरक का भी निरीक्षण किया गया।
वहां बंद महिलाओं से मुलाकात कर उनकी छोटी- मोटी मुलाकात संबंधी समस्याओं को मौके पर ही निराकृत किया गया,अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का नियमित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। विधिक सहायता कैम्प के आयोजन से कैदियों में काफ़ी उत्साह देखा गया।
उन्होंने न्यायालय एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल कानूनी जानकारी बढ़ाते है, बल्कि आत्मविश्वास और समाज में पुनः सम्मानजनक जीवन जीने की प्रेरणा भी देते है।इस अवसर पर जेल प्रशासन के अधिकारी, विधिक सहायता समिति के सदस्य, और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।









