दतिया। विधिक सेवा सप्ताह के अवसर पर जिलेभर में विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं न्याय प्रणाली की जानकारी देने के उद्देश्य से विभिन्न शालाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।
जिला शिक्षा अधिकारी यू.एन. मिश्रा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना तथा समाज में विधिक साक्षरता को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर आगामी 14 नवम्बर (बाल दिवस) के दिन जिले की चयनित शालाओं में छात्र-छात्राओं की भागीदारी से विविध प्रतियोगिताएँ एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक विद्यालय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है, जो कार्यक्रमों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी निभाएंगे। होलीहार्ट पब्लिक स्कूल दतिया,इस विद्यालय में “शिक्षा का अधिकार, बच्चों के अधिकार, पॉक्सो एक्ट एवं बाल श्रम निषेध अधिनियम” विषयों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
विद्यार्थियों को इन विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और समाज में बाल संरक्षण के प्रति सजग रहें।कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी विकास शुक्ला, प्रा. योजना अधिकारी एवं मनोज द्विवेदी, उ.मा.वि. क्रमांक 2 दतिया को नियुक्त किया गया है।
शासकीय म.ल.बा. कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दतिया, इस विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच विधिक जागरूकता आधारित नाट्य प्रतियोगिता एवं कहानी प्रस्तुतीकरण का आयोजन किया जाएगा।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं को उनके मौलिक अधिकारों, विधिक संरक्षण एवं न्याय तक पहुँच की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी रविभूषण खरे, विधिक प्रभारी तथा कविता त्रिपाठी, उ.मा.वि. क्रमांक 2 दतिया रहेंगी।
शासकीय कन्या हाई स्कूल, होलीपुरा दतिया,यहाँ विधिक साक्षरता पर आधारित निबंध लेखन, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता के साथ-साथ न्यायिक समझ विकसित करना है, ताकि वे समाज में अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी रजनी मुखरैया, प्र. सहायक सांख्यिकी अधिकारी एवं सोनिया श्रीवास्तव, उ.मा.वि. वरगांय को बनाया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विधिक सेवा सप्ताह के अंतर्गत यह पहल विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और सामाजिक चेतना दोनों को सशक्त करेगी। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानून के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देंगे।








