दतिया। शहर में प्राइवेट कोचिंग संचालकों द्वारा सरकारी भवनों पर बिना अनुमति रंगाई-पुताई कर विज्ञापन लिखवाने का मामला सामने आया है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इन सरकारी परिसरों पर साफ–साफ लिखा है— “यहां किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार करना मना है।”
इसके बावजूद भवनों की दीवारों पर कोचिंग संस्थानों के नाम, मोबाइल नंबर, तथा अन्य प्रचार सामग्री लिखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चौकीदार/प्रहरी की मौजूदगी में यह सब कैसे हो रहा है…? क्या उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती…? या फिर अंदरूनी सहमति से यह अवैध कार्य करवाया जा रहा है…? कानून के अनुसार नगर पालिका और प्रशासन की अनुमति के बिना।
सरकारी बिल्डिंगों पर पुताई करना, विज्ञापन लिखवाना, पोस्टर/प्रचार सामग्री लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह दंडनीय अपराध है।
जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि यह पुताई किसके आदेश पर कराई जा रही है….?
यदि यह कार्य बिना अनुमति हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए।








