मध्यप्रदेश

तीन दिवसीय ‘स्पर्श मेला’ 24 जनवरी से, दिव्यांगजनों की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया मंच।

दतिया दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी रचनात्मक प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से दतिया जिले में तीन दिवसीय ‘स्पर्श मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 24 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा।

संयुक्त कलेक्टर सह प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रृति अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्पर्श मेले में दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं तैयार की गई पेंटिंग्स, कलाकृतियां, हस्तशिल्प (क्राफ्ट), रचनात्मक उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

इस प्रदर्शनी के माध्यम से, दिव्यांगजनों की कला, हुनर और आत्मविश्वास को नया आयाम मिलेगा, साथ ही आमजन को उनकी क्षमताओं से रूबरू होने का अवसर भी प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जिले में दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत सभी संस्थाओं को इस आयोजन में सक्रिय सहभागिता के लिए निर्देशित किया गया है,

ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इस मंच से जुड़ सकें और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएं भी होंगी आयोजित, स्पर्श मेले को और अधिक आकर्षक एवं प्रेरणादायी बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया

जाएगा। इसके अंतर्गतनृत्य (एकल एवं समूह), गायन (एकल एवं समूह), नाटक, रैम्प वॉक, खेल प्रतियोगिताएं जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इस संबंध में अजय मेमोरियल ट्रस्ट, सिविल लाइन दतिया तथा मानव जन कल्याण संस्था, रावतपुरा कॉलेज दतिया के अध्यक्षों को पत्र जारी कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों एवं सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण अग्रवाल ने बताया कि विशेष दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दिव्यांग

खिलाड़ियों के लिए राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के उपरांत प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया जाएगा, जिससे दिव्यांग खिलाड़ियों का मनोबल बढ़े और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले।

समाज में सकारात्मक संदेश स्पर्श मेला न केवल दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मंच प्रदान करेगा, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और समावेशन का संदेश भी देगा। यह आयोजन दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन करें और उनके प्रयासों को समर्थन दें।

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