दतिया। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली समय-सीमा बैठक आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में शासन की प्राथमिक योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के 50 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने कहा कि केवल प्रकरण बंद करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि समस्या का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान आवश्यक है। कलेक्टर ने सीमांकन से संबंधित प्रकरणों पर विशेष सख्ती दिखाते हुए कहा कि इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी कतई स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार एवं डीएसओ को निर्देश दिए कि अवैध पेट्रोल के क्रय-विक्रय पर प्रभावी एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही समाधान ऑनलाइन में चयनित विषयों से संबंधित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर पालिका एवं पशुपालन विभाग के कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक समय-सीमा बैठक में ई-अटेंडेंस की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए तथा इसकी नियमित निगरानी की जाए।
हाल ही में गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान पाए गए आंकड़ों में अंतर एवं अनियमितताओं पर कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों, पीएम ई-केवाईसी, पट्टा सर्वे कार्यों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आवास से संबंधित लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण हेतु आगामी दो दिनों तक विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।
पीएम स्वनिधि योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त बैठक में उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना के प्रकरणों, खाद्यान्न वितरण की स्थिति, अंतरविभागीय मुद्दों, फसल बीमा तथा टीएल (टाइम लिमिट) में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने जानकारी दी कि आगामी बुधवार को बसई में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, साथ ही क्षेत्र का निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
बैठक के अंत में जिला स्तर पर विकसित किए गए “तत्पर पोर्टल” की जानकारी दी गई। इस पोर्टल के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं टीएल प्रकरणों की जानकारी, जवाब दर्ज करना तथा प्रकरणों का विभागीय स्थानांतरण एक ही मंच पर किया जा सकेगा।
इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंच सके।









