अंधेर नगरी आगर-मालवा, 24 दिसंबर।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी, उद्योग-मैत्री और रोजगार-केंद्रित विजन के तहत मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियां, सिंगल विंडो प्रणाली और सुदृढ़ आधारभूत संरचना का सकारात्मक प्रभाव अब आगर-मालवा जिले में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आगर-मालवा जिला “अभ्युदय आगर-मालवा” के संकल्प के साथ औद्योगिक और आर्थिक समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।आगर-मालवा जिले में 124 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित तीन औद्योगिक क्षेत्र संचालित हैं।
इन औद्योगिक क्षेत्रों के माध्यम से जिले में कुल 4,200 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो रहा है, जिससे 3,000 से अधिक रोजगार सृजित हो रहे हैं। यह निवेश जिले के औद्योगिक परिदृश्य को नई पहचान दे रहा है। पिछले दो वर्षों में आगर-मालवा जिले में 3 नवीन औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हुई है। यह जिले में उद्योगों के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।मैककेन फूड्स से मिला निवेश को वैश्विक आयामजिले के औद्योगिक विकास में फेज-1 एवं फेज-2 के साथ-साथ फेज-3 में स्थापित मैककेन फूड्स प्रमुख भूमिका निभा रहा है। मैककेन फूड्स को फेज-3 में 54 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना के माध्यम से 3,800 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे 2,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना आगर-मालवा को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिला रही है।
इसके अलावा यहां एआरएफएम फूड्स प्रा. लि. के आने से क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्रो व फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित हुआ, जिससे 150 करोड़ का निवेश, 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और स्थानीय कृषि व अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।लोकार्पण एवं निवेश प्रस्तावों से बढ़ा विश्वास आगर-मालवा जिले में वर्तमान में 2 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण/भूमिपूजन/एलओआई प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से 2,550 करोड़ रुपये का निवेश और 1,091 रोजगार सृजित होने की संभावना है। यह जिले में औद्योगिक विकास की निरंतरता का स्पष्ट संकेत है।
निवेश सुगमता से बदली औद्योगिक तस्वीरमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर उज्जैन को एमपीआईडीसी का क्षेत्रीय (रीजनल) कार्यालय बनाए जाने तथा प्रदेश के प्रत्येक जिले में निवेश प्रोत्साहन केंद्र स्थापित किए जाने से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है।इन व्यवस्थाओं के चलते निवेशकों को अब भूमि आवंटन, परियोजना स्वीकृति, विभिन्न विभागों से अनुमति, नीति संबंधी मार्गदर्शन एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक ही मंच पर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
इससे निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज हुई है और उद्योग स्थापना में लगने वाला समय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है।जिला स्तर पर निवेश प्रोत्साहन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों, एमएसएमई इकाइयों और नए निवेशकों को सीधा मार्गदर्शन मिल रहा है, वहीं उज्जैन स्थित एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय से पूरे संभाग में औद्योगिक परियोजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो पाई है। इसका प्रत्यक्ष परिणाम जिले-जिले में बढ़ते निवेश, उद्योगों की संख्या में वृद्धि और रोजगार के नए अवसरों के रूप में सामने आ रहा है।आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर अग्रसर आगर-मालवाएमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश राठौड़ ने बताया कि बड़े निवेश, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और व्यापक रोजगार सृजन के माध्यम से आगर-मालवा जिला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह जिला औद्योगिक विकास और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

























