शांति प्रिय शहर आष्टा की फिजा में जहर घोलने वाले कौन?आष्टा में भाईचारा होगा

शांति प्रिय शहर आष्टा की फिजा में जहर घोलने वाले कौन?आष्टा में भाईचारा होगा फिर से कायम नफरती लोगों पर होनी चाहिए कड़ी कार्यवाही। आष्टा में धारा 144 ,धारा 163 लागू हे कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट एव आपत्तिजनक कार्य न करे :सीहोर पुलिस सीहोर/ आष्टा से संजय सोलंकी 9691164969। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का…

4 minutes

Read Time

शांति प्रिय शहर आष्टा की फिजा में जहर घोलने वाले कौन?आष्टा में भाईचारा होगा फिर से कायम नफरती लोगों पर होनी चाहिए कड़ी कार्यवाही।

आष्टा में धारा 144 ,धारा 163 लागू हे कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट एव आपत्तिजनक कार्य न करे

:सीहोर पुलिस सीहोर/

आष्टा से संजय सोलंकी 9691164969।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का आष्टा शहर लंबे समय से शांति और सौहार्द का प्रतीक रहा है। यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय सदियों से साथ-साथ रहते आए हैं, त्योहार मनाते हैं और एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं। लेकिन हाल ही में, 21 दिसंबर 2025 की रात को एक मामूली पार्किंग विवाद ने पूरे शहर की शांति को भंग कर दिया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव हुआ

, वाहनों में तोड़फोड़ हुई, भोपाल-इंदौर हाईवे जाम हो गया और पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हाईवे ब्लॉक किया और कुछ लोगों ने मस्जिदों को गिराने की धमकी तक दे डाली।यह घटना कोई अचानक दुर्घटना नहीं थी। यह उस जहरीले माहौल का नतीजा है जो पिछले कुछ वर्षों में देश भर में फैलाया जा रहा है। छोटी-छोटी

बातों को सांप्रदायिक रंग देकर उन्हें बड़ा रूप देना, धार्मिक जुलूसों या विवादों को बहाना बनाकर तनाव पैदा करना – यही वो तरीके हैं जिनसे शांति प्रिय समाज की फिजा में जहर घोला जाता है।तो असली जिम्मेदार कौन हैं?कट्टरपंथी संगठन और उग्र तत्व एव विवाद कराकर अपनी राजनीति चमकाने वाले

कुछ छुटभैय्या नेता: संगठनों के कार्यकर्ता अक्सर छोटे विवादों को सांप्रदायिक बनाने में आगे रहते हैं। इस घटना में भी हरदा से लौट रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ पेशाब ओर पार्किंग को लेकर करनी सेना के काफिले के साथ झड़प हुई, जिसके बाद उन्होंने हाईवे ब्लॉक किया और धमकियां दीं। आष्टा शहर हमेशा शांति का प्रतीक रहा है यह हमेशा हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई जैन

पारसी बुद्ध एव समस्त समाज धर्म मजहब सभी वर्गों के लोग रहते हैं लेकिन आष्टा में कुछ छुटभैय्या नेता हे जो किसी न किसी कारण सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज को बांटने का काम करते हैं।सोशल मीडिया और अफवाह फैलाने वाले: घटना के बाद वीडियो और मैसेज वायरल हुए, जिन्होंने आग में घी डालने का काम किया। बिना तथ्य जांचे लोगों को भड़काना

आज की सबसे बड़ी समस्या है।राजनीतिक दल जो चुप रहते हैं या मौन समर्थन देते हैं: मध्य प्रदेश में सत्ताधारी दल के रहते ऐसे तनाव बार-बार क्यों बढ़ते हैं? ऐसा इस लिए कहा जा सकता हे कि 21 तारीख की घटना को लेकर किसी भी राजनीतिज्ञ व्यक्ति या पार्टी का बयान ऐसा नहीं आया कि जिससे आष्टा में शांति फिर से कायम हो लेकिन जब इस मुद्दे को मीडिया द्वारा ओर स्थानीय लोगों द्वारा उठाया गया तब जाकर क्षेत्रीय

विधायक महोदय गोपाल जी इंजीनियर ने समस्त आष्टा वाशियो से शांति की अपील की ओर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 21 तारीख घटना मामले में जो भी आरोपी हे चाहे वह किसी पक्ष का हो उस पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए जिसके बाद कांग्रेस , भीम आर्मी, करनी सेना,एवं सभी राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने शांति की अपील की लेकिन इसके बाद भी कुछ छुटभैय्या नेता अपनी तुच्छ सी

राजनीति चमकाने इस मामले को तूल दिया गया,क्योंकि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से कुछ लोगों को राजनीतिक फायदा होता है। 2024 में देश भर में सांप्रदायिक दंगे 84% बढ़े – यह आंकड़ा खुद बताता है कि माहौल कितना खराब किया जा रहा है।हम सबकी जिम्मेदारी: लेकिन सबसे बड़ा सवाल हम पर है। जब हम अफवाहों पर यकीन करते हैं, एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करते हैं, तो हम खुद उस जहर का हिस्सा बन जाते हैं।

आष्टा के लोग फिर से शांति चाहते हैं। बाजार खुल गए, ट्रैफिक सामान्य हो गया और पुलिस ने स्थिति काबू में कर ली है। फिलहाल आष्टा शहर में धारा 163 लागू हे जो कि किसी भी भड़काऊ भाषण भड़काऊ पोस्ट जैसे व्हाट्सअप फेसबुक पोस्ट इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करना शख्त मना हे पुलिस की साइबर सेल लगातार ऐसे कंटेंट पर नजर रख रही हैं जिससे आष्टा की शांति भंग हो वही आष्टा में

आज से प्रशासन द्वाराधारा 144 भी लागू की गई हे जिसमें 4 लोगों से ज्यादा कोई भी किसी भी जगह इकट्ठा नहीं होंगे लेकिन असली शांति तब ही आएगी जब हम सब मिलकर इन जहर घोलने वालों का विरोध करेंगे। कट्टरता और नफरत फैलाने वाले चाहे किसी भी समुदाय या संगठन से हों, वे समाज के दुश्मन हैं। हम पुनः आष्टा के समस्त नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि शांति बनाए रखें ।

About The Author

Latest News

View All

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

You May Have Missed