दतिया। जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के नेतृत्व में खनिज विभाग द्वारा चलाए गए सघन जांच एवं निरीक्षण अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई, जिससे जिले में अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
खनिज अधिकारी प्रदीप कुमार भूरिया के मार्गदर्शन में जिलेभर में खनन क्षेत्रों, परिवहन मार्गों एवं भंडारण स्थलों पर लगातार निरीक्षण किया गया। इस अभियान के दौरान खनिज नियमों के उल्लंघन के कुल 101 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
इन प्रकरणों में अवैध उत्खनन, बिना अनुमति खनिज परिवहन, रॉयल्टी चोरी एवं नियमों की अवहेलना जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। सभी मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करते हुए दोषियों पर अर्थदंड अधिरोपित किया जा रहा है, साथ ही अन्य दंडात्मक प्रावधान भी लागू किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। खनिज मद में 40 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है, जो निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 133 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाती है।
यह राशि ग्रामीण अधोसंरचना विकास के लक्ष्यों की पूर्ति में सहायक सिद्ध होगी। इसके अतिरिक्त, गंभीर, अनियमितताओं एवं पट्टों की शर्तों के उल्लंघन के मामलों में 20 खदानों के पट्टे निरस्त किए गए हैं।
बताया गया है कि इन पट्टेदारों द्वारा समय-सीमा में डेड रेंट, अन्य देय शुल्क जमा नहीं किए गए थे अथवा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण नहीं की गई थीं। पट्टे निरस्तीकरण की यह कार्रवाई खनन नियमों के कड़ाई से पालन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनन के प्रति शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी एवं सख्त प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखी जाए।
खनिज अधिकारी प्रदीप भूरिया ने बताया कि विभाग द्वारा आगे भी निरंतर अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अवैध खनन पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके और जिले के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों के उल्लंघन पर अब कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।








