शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
उदयपुर-राजस्थान की धरती से निकलकर अब एक ऐसी फिल्म देशभर में गूंजने को तैयार है, जो यह साबित करती है कि दमदार सिनेमा सिर्फ़ मुंबई तक सीमित नहीं है। उदयपुर के सागवान के जंगलों में फिल्माई गई
‘सागवान’ को पहली 100 प्रतिशत राजस्थानी फिल्म बताया जा रहा है, जिसमें कलाकार, कहानी, संगीत, लोकेशन और तकनीकी टीम—सब कुछ राजस्थान की मिट्टी से जुड़ा है।राजस्थान पुलिस के अफ़सर बने फ़िल्म के नायकफिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके नायक निंबाहेड़ा कोतवाली पुलिस थाने के पूर्व सीआई हिमांशु सिंह राजावत हैं
, जो अभी वास्तविक जीवन में राजस्थान पुलिस में सीआईडी इंस्पेक्टर हैं। हिमांशु सिंह राजावत ने न केवल फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है, बल्कि कहानी, संवाद और निर्देशन की ज़िम्मेदारी भी खुद संभाली है।राजावत के अनुसार, ‘सागवान’ उनके पुलिस सेवा के दौरान देखे गए उन सच्चे अनुभवों से प्रेरित है, जहाँ अंधविश्वास और ढोंग के कारण निर्दोष लोगों
की जान तक चली जाती है।अंधविश्वास के खिलाफ सशक्त संदेशफिल्म की कहानी वर्ष 2019 की एक मर्डर मिस्ट्री से प्रेरित बताई जा रही है। यह फिल्म समाज में फैले ढोंगी बाबाओं, झाड़-फूंक और अंधविश्वास पर तीखा प्रहार करती है। सागवान के घने जंगलों की पृष्ठभूमि में बुनी गई यह कहानी मनोरंजन के साथ-साथ एक सामाजिक चेतावनी भी देती है।
ए टू ज़ेड पूरी तरह राजस्थानी निर्माण निर्माताओं का दावा है कि ‘सागवान’ हर मायने में शुद्ध राजस्थानी फिल्म है:मुख्य कलाकार: हिमांशु सिंह राजावत (उदयपुर)लेखक-निर्देशक: राजस्थान की माटी से जुड़ेसंगीत: ऐकार्थ पुरोहित और कपिल पालीवाललोकेशन:
धरियावद और प्रतापगढ़ के सागवान जंगलतकनीकी टीम: कैमरा, प्रोडक्शन और क्रू—सभी राजस्थान सेबॉलीवुड कलाकारों की दमदार मौजूदगीफिल्म में बॉलीवुड के अनुभवी कलाकार सयाजी शिंदे, मिलिंद गुणाजी, अहसान खान और रश्मि मिश्रा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नज़र आएंगे। खास बात यह है
कि इन कलाकारों ने राजस्थान के इस रियल-लाइफ हीरो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है।सेंसर बोर्ड से UA सर्टिफिकेट, रिलीज़ की तैयारी‘सागवान’ को सेंसर बोर्ड से UA सर्टिफिकेट मिल चुका है। हाल ही में उदयपुर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में फिल्म का टीज़र लॉन्च किया गया,
जिसमें एडीजी दिनेश एम.एन., मंत्री बाबूलाल खराड़ी और लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सभी ने फिल्म की थीम और प्रयास की सराहना की।जल्द सिनेमाघरों मेंवर्दी और कला के इस अनोखे संगम से बनी ‘सागवान’ जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है।
यह फिल्म न केवल राजस्थान के टैलेंट को राष्ट्रीय पहचान देने का काम करेगी, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करने वाला सशक्त संदेश भी देगी।अब बॉलीवुड भी कहेगा —“खम्मा घणी, मरुधरा के टैलेंट को!”








