अंधेर नगरी, वैव पोर्टल
हजारों सनातनियों की सहभागिता, संतों के उद्बोधनों से राष्ट्रभक्ति व धर्मभावना का संचारपचोर-भाटखेड़ा/में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
आयोजन से पूर्व नगर में विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें माताओं-बहनों, युवाओं एवं ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। डीजे और ढोल की भक्तिमय धुनों पर नृत्य करते हुए नगरवासी भक्ति के रंग में रंगे नजर आए।
कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई ईजीएस विद्यालय परिसर पहुंची, जहां सम्मेलन का विशाल एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना से की गई।
इसके पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर की बालिकाओं ने स्वागत गीत एवं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।सम्मेलन में भाटखेड़ा, जटामड़ी एवं देवाखेड़ी गांवों से हजारों की संख्या में सनातनी समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विभाग संघचालक उदयसिंह चौहान, जिला संरक्षक हरिसिंह केशवाल, सदानंद त्यागी महाराज एवं कथा प्रवक्ता गोपेशनाथ महाराज मंचासीन रहे।अपने ओजस्वी उद्बोधनों में वक्ताओं ने कार्यक्रम को राष्ट्रमय और धर्ममय वातावरण प्रदान किया।
संतों ने कहा कि सेवा भाव ही सनातन धर्म की आत्मा है। उन्होंने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए कहा कि हनुमान जी ने कभी राजपाठ नहीं किया, बल्कि जीवन भर प्रभु श्रीराम की सेवा की, इसी कारण हर गांव में खेड़ापति हनुमान की पूजा होती है।
वक्ताओं ने कहा कि हमारी तीन माताएं होती हैं— जन्म देने वाली माता, गौ माता और भारत माता, जिनका सम्मान और वंदन करना हर सनातनी का कर्तव्य है।सम्मेलन में लव जिहाद जैसे विषयों पर भी वक्ताओं ने गंभीरता से समाज को जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी नामों से आईडी बनाकर हिंदू बेटियों को भ्रमित किया जा रहा है। संतों ने बेटियों से विवेक का प्रयोग करने और ऐसे षड्यंत्रों से सतर्क रहने का आह्वान किया।संतों ने कहा, “यदि हमें राम राज्य चाहिए तो राम जैसा आचरण भी अपनाना होगा।”
उन्होंने राम-भरत के त्याग और भाईचारे का उदाहरण देते हुए समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम में धार्मिक ग्रंथों के प्रसंग सुनाकर उनसे जीवन में प्रेरणा लेने की बात कही गई। संतों ने कहा कि संतों ने हमेशा राष्ट्र और समाज का मार्गदर्शन किया है और आज भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के समापन पर तीनों गांवों के समस्त सनातनियों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई। आयोजन को सफल बनाने में समस्त ग्रामवासियों, गुरु कृपा साउंड, तथा छापीहेड़ा पुलिस बल का सराहनीय सहयोग रहा।तीनों गांवों के सनातनियों ने एकता और भाईचारे का परिचय देते हुए इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाया।









