शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की कलेक्टर ने की सख्त समीक्षा
दतिया। जिले के शासकीय विद्यालयों में प्रगतिरत एवं प्रस्तावित निर्माण कार्यों की समीक्षा हेतु आज गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
जिसमें विद्यालय भवन, बालक-बालिका शौचालय निर्माण एवं मरम्मत कार्य प्रमुख रूप से शामिल रहे।बैठक के दौरान कलेक्टर वानखड़े ने जिले में स्वीकृत 172 बालक एवं बालिका शौचालयों के मरम्मत कार्य अब तक पूर्ण न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित समितियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित शौचालय मरम्मत कार्य आगामी 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कराए जाएं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदारों का वेतन रोका जाएगा। कलेक्टर वानखड़े ने जिले में लंबे समय से अपूर्ण पड़े विद्यालय भवनों की भी गहन समीक्षा की।
उन्होंने जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश दिए कि ऐसे सभी अपूर्ण विद्यालय भवनों के लिए नवीन प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्य पूर्ण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इसके साथ ही हाल ही में विद्यालयों में स्वीकृत नवीन शौचालय निर्माण एवं शौचालय मरम्मत कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन को ध्यान में रखते हुए सभी प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत कराएं तथा उपलब्ध बजट का समुचित एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करें।कलेक्टर वानखड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर विद्यार्थियों की सुविधा, स्वच्छता और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़ा विषय है।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीओ आरईएस सहित शिक्षा एवं निर्माण से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।









