13 दिसंबर को दतिया में आयोजित होगी वृहद नेशनल लोक अदालत, विभिन्न विभागों को दिए महत्त्वपूर्ण निर्देश।
दतिया। जिला न्यायालय दतिया में आज गुरुवार को आगामी 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाली वृहद नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दतिया संजीब श्रीवास्तव ने की। बैठक जिला न्यायालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें लोक अदालत के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश एवं कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रमुख रूप से प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय अशोक गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सतीश वसुनिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी देवेश मिश्रा, कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा, सीईओ जिला पंचायत अक्षय कुमार तेम्रवाल, एसडीएम संतोष तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे,
लोक अदालत की रूपरेखा एवं प्रकरणों के निराकरण पर हुई विस्तृत चर्चा, बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निधि पिंटो ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) नई दिल्ली तथा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 13 दिसंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।
लोक अदालत में निम्नलिखित प्रकरणों को प्राथमिकता से रखा जाएगा”लंबित राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल विवाद,
मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति (MACT) प्रकरण, वैवाहिक एवं पारिवारिक मामले, चेक अनादरण (NI Act), श्रम विवाद, विद्युत संबंधी प्रकरण, इसके साथ ही विभिन्न विभागों के प्री-लिटिगेशन प्रकरणों जैसे, बैंक ऋण वसूली संबंधी विवाद, बीएसएनएल बकाया वसूली के मामले, नगर पालिका से जुड़े प्रकरण, परिवार परामर्श केंद्र के मामले, का समाधान भी लोक अदालत में आपसी सहमति तथा नियमानुसार दी जाने वाली छूट के आधार पर किया जाएगा,
न्यायाधीश ने अधिकारियों को दिए महत्त्वपूर्ण निर्देश,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीवास्तव ने बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों को लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने हेतु विशेष निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा को निर्देशित किया कि”राजीनामा योग्य प्रकरणों की तामीली समय पर सुनिश्चित करें, मोटर व्हीकल एक्ट, विद्युत बिल विवाद, ऋण माफी, तथा अन्य लोक अदालत संबंधित प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही की जाए, ताकि अधिक से अधिक आवेदक एवं हितग्राही इस विशेष न्यायिक पहल का लाभ प्राप्त कर सकें, सहज एवं त्वरित न्याय का अवसर, नेशनल लोक अदालत का उद्देश्य नागरिकों को तेज, सरल और किफायती न्याय उपलब्ध कराना है।
लोक अदालत में प्रकरणों का समाधान आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है, तथा अंतिम निर्णय के विरुद्ध अपील का अधिकार नहीं होता, जिससे पक्षकारों को समय और धन की बचत होती है।
























