भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) इस बदलाव को इसलिए बढ़ावा दे रहा है ताकि उन लोगों को परेशानी न हो जिनके फिंगरप्रिंट घिस गए हैं या उम्र के कारण स्पष्ट नहीं
आधार (Aadhaar) प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में चेहरा पहचानने (Face Authentication) की तकनीक को प्राथमिकता दी जा रही है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) इस बदलाव को इसलिए बढ़ावा दे रहा है
ताकि उन लोगों को परेशानी न हो जिनके फिंगरप्रिंट घिस गए हैं या उम्र के कारण स्पष्ट नहीं आते 1। मुख्य बिंदु:विकल्प के रूप में उपयोग: यह फिंगरप्रिंट का पूरी तरह से स्थान नहीं ले रहा है, बल्कि एक अधिक सुविधाजनक विकल्प के रूप में जोड़ा गया है।
आधार फेस आरडी ऐप (Aadhaar FaceRD App): नागरिक अब Google Play Store से आधिकारिक Aadhaar FaceRD App डाउनलोड कर सकते हैं।
कैसे काम करता है:
इसमें किसी फिजिकल स्कैनर की जरूरत नहीं होती; मोबाइल के कैमरे का उपयोग करके व्यक्ति की पहचान की पुष्टि की जाती है।
सुरक्षा: यह तकनीक
लिविनेस डिटेक्शन’ (liveness detection) का उपयोग करती है, जिससे फोटो या वीडियो दिखाकर धोखाधड़ी करना लगभग असंभव है 2। इस तकनीक का सबसे अधिक लाभ वरिष्ठ नागरिकों और मजदूरों को मिल रहा है, जिन्हें अक्सर बायोमेट्रिक मिलान में कठिनाई होती थी
इस योजना के तहत आने वाले समय में आधार की पहचान प्रक्रिया में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि फिंगरप्रिंट की जगह चेहरे से पहचान यानी फेशियल रिकग्निशन को मुख्य
तरीका बनाया जाएगा.Aadhaar Vision 2032: सरकार आधार सिस्टम को और तेज, सुरक्षित और धोखाधड़ी से मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए ‘आधार विजन 2032’ नाम से एक नया रोडमैप तैयार किया गया है.Aadhaar Vision 2032आधार के CEO भुवनेश कुमार ने बताया कि भले ही लक्ष्य वर्ष 2032 रखा गया है,
लेकिन तैयारियां आने वाले समय की नई और आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं.उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों से डिजिटल दुनिया तेजी से बदल रही है. इसी को देखते हुए आधार सिस्टम को भी अपडेट किया जा रहा है.
आधार में क्या-क्या बदलेगाफिलहाल हर दिन करीब 9 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन होते हैं. इनमें से लगभग 1 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए हो रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि चेहरे की पहचान से हर महीने 100 करोड़ ऑथेंटिकेशन किए जा सकें.नए सिस्टम में A
I की मदद से फेस रिकग्निशन तकनीक को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा. इससे लोगों को बार-बार फिंगरप्रिंट या दूसरे बायोमेट्रिक देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकार ने दिसंबर तक 5 करोड़ बच्चों और किशोरों के बायोमेट्रिक अपडेट कर दिए हैं. यह सुविधा सितंबर 2026 तक मुफ्त जारी रहेगी.नया टेक्निकल ढांचा भी बनेगा
आधार के नए टेक्निकल फ्रेमवर्क पर काम कर रही कमेटी का ड्राफ्ट अगले महीने फाइनल होगा. इसे मार्च में UIDAI को सौंपा जाएगा. इसके आधार पर अगले पांच साल के लिए आधार का नया सिस्टम तैयार किया जाएगा. मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट 2027 में खत्म हो रहा है. इसके बाद 2032 तक के लिए नया कॉन्ट्रैक्ट किया जाएगा.
इस रोडमैप को तैयार करने के लिए UIDAI के चेयरमैन नीलकंठ मिश्रा की अध्यक्षता में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई थी. इसमें देश और विदेश के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और शिक्षाविद शामिल हैं.









