दतिया। शहर में चल रहे मेले में कलेक्टर और एसडीएम के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन देखने को मिल रहा है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, अग्निशमन, ट्रैफिक और साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके उलट है।
सुरक्षा इंतजाम शून्य — खतरे में आमजन की जान मेले में आगजनी और भीड़ नियंत्रण को लेकर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है।
अग्निशमन वाहन, दमकल उपकरण और इमरजेंसी प्लान तक नजर नहीं आता। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का खुला उपयोग चाट-पकौड़ी और खानपान की दुकानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है,
जो कि कलेक्टर के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे आगजनी का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। बिजली कनेक्शन पर ओवरलोड — कंपनी अधिकारी नदारद मेले के लिए बिजली कंपनी से केवल 5 किलोवाट का कनेक्शन लिया गया है,
लेकिन मौके पर भारी मशीनरी और हाई-पावर उपकरण चलाए जा रहे है। ओवरलोड की जांच करने बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचे। बाहर अव्यवस्थित पार्किंग से घंटों जाम मेले के बाहर पार्किंग की कोई व्यवस्था न होने से दतिया–भांडेर रोड पर दो से तीन घंटे तक जाम की स्थिति रहती है। इससे आमजन और यातायात दोनों परेशान है।
एसडीएम के आदेश कागजों में — मैदान में जीरो एसडीएम ने मेले संचालक को आगजनी से सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, सफाई व्यवस्था जैसे स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे, लेकिन इनका जरा भी पालन नहीं हुआ। मेला संचालक पर गंभीर लापरवाही के आरोप
कलेक्टर तथा एसडीएम के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। स्थानीय लोगों में मेले की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर गहरी नाराजगी है।








