अंधेर नगरी आगर – कलेक्ट्रेड की दुसरी मंजिल पर बने पुरुष शौचालय में गंदगी का अंबार देखने को मिलता रहता है, कारण अधिकारी, कर्मचारी और बाहर से आने वाले आम आदमी अपने मुंह में गुटखा, सुपारी भरकर सिधे मुत्रालय के यूरिनल में थुक देते हैं
जिसके कारण गुटखे में मौजूद सुपारी यूरिनल के छेद बंद कर देती है,इसलिए पेशाब का रुकना लाजमी है। लेकिन शासकीय परिसर में गुटखा रुकना मना है और पाएं जाने पर 200 जुर्माना भी लगाया जा सकता है के बोर्ड शो पिस के लिए लगे हैं।
जिन पर न जनता अमल करती है न कर्मचारी, अधिकारी अमल करते हैं। जो लोग गुटखा नहीं खाते उन्हें शौचालय में पेशाब करने में गिल्टी फील होती और उल्टी होने जैसी स्थिति हो जाती है। इसकी जवाबदेही किसकी है जनता की या अधिकारियों की।








