दतिया। जिले में हवाई क्षेत्र की सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में एयर फील्ड इनवायरमेंट मैनेजमेंट कमेटी की बैठक शुक्रवार को दतिया एयरपोर्ट परिसर में सम्पन्न हुई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा, एसडीएम दतिया संतोष तिवारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नागेन्द्र सिंह गुर्जर, वन विभाग के अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, एयरफोर्स प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, पर्यावरणीय संतुलन सर्वोच्च प्राथमिकता, बैठक में एयरफील्ड के आसपास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने से लेकर सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर वानखड़े ने कहा कि हवाई क्षेत्र के आस-पास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पक्षियों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है, लेकिन साथ ही विमान संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए एयरफील्ड के आसपास नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
पेड़ों की कटाई-छंटाई और पराली जलाने पर सख्त निगरानी, कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को विमान संचालन के मार्ग में आने वाले पेड़-पौधों की नियमित कटाई-छंटाई करने के निर्देश दिए, ताकि उड़ान संचालन में कोई अवरोध न उत्पन्न हो। साथ ही उन्होंने पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर भी सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए और कहा कि यह गतिविधि विमान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
10 किलोमीटर क्षेत्र में मांस-मछली की दुकानों पर प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश, बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि एयरपोर्ट के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में मांस और मछली की दुकानों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे पक्षियों की आवाजाही बढ़ सकती है और उड़ान संचालन में खतरा उत्पन्न हो सकता है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, कचरा निस्तारण, जलजमाव रोकथाम और वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान, एयरफील्ड के आसपास फैले कचरे से पक्षियों की संख्या बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए कलेक्टर ने कचरा निस्तारण व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जलजमाव की समस्या को भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर बताया और तत्काल समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। वृक्षारोपण कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और ऐसी प्रजातियों का चयन करने पर जोर दिया गया जो विमान सुरक्षा में बाधक न हों।
अनुचित निर्माण एवं प्रदूषणकारी गतिविधियों पर सख्त रोक, बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हवाई पट्टी के आसपास के क्षेत्रों में किसी भी तरह के अनुचित निर्माण, बड़े बोर्ड, ऊंचे ढांचे या प्रदूषणकारी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ऐसे किसी भी निर्माण पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश नगरपालिका, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल और एयरपोर्ट प्राधिकरण को संयुक्त रूप से दिए गए, नियमित संयुक्त निरीक्षण और सामुदायिक सहभागिता पर जोर, कलेक्टर वानखड़े ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग नियमित संयुक्त निरीक्षण करें, ताकि सुरक्षा और स्वच्छता से संबोधित समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि एयर फील्ड सुरक्षा और स्वच्छता अभियानों में समुदाय की भागीदारी बेहद आवश्यक है, जिससे स्थानीय नागरिक भी सुरक्षित एवं स्वच्छ हवाई क्षेत्र के संरक्षण में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें।









