दतिया। इंदरगढ़ नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से सोमवार, 24 नवंबर 2025 को इंदरगढ़ थाने के प्रांगण में डीजे संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार दीपक यादव ने की, जबकि टीआई गौरव शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के दौरान डीजे संचालकों द्वारा अत्यधिक आवाज में साउंड सिस्टम बजाए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
तेज आवाज वाले डीजे से न केवल नगर में ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि आम नागरिकों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों तथा बोर्ड परीक्षार्थियों को भी गंभीर रूप से प्रभावित होना पड़ रहा है। निर्धारित समय सीमा के बाद डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित, तहसीलदार दीपक यादव ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार का डीजे संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में कोई भी डीजे संचालित पाया जाता है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी,
जिसमें मशीनरी जप्ती तथा अन्य कानूनी प्रावधान भी शामिल हो सकते है। ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा में रखने के निर्देश, बैठक में मौजूद कई डीजे संचालकों ने दावा किया कि वे शासन-प्रशासन द्वारा तय मानकों के अनुसार ही कम ध्वनि में डीजे चलाते है। इस पर टीआई गौरव शर्मा, ने कहा कि क्षेत्र में अक्सर डीजे अत्यधिक ध्वनि स्तर पर बजते पाए गए है, जो लोगों की असुविधा के साथ-साथ ट्रैफिक जाम का भी कारण बनते है। इसलिए अब प्रत्येक संचालक को निर्धारित डेसिबल लिमिट का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण पर प्रशासन गंभीर, प्रशासन ने कहा कि शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे है। रात के समय डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध तथा ध्वनि सीमा के सख्त पालन से नगर वातावरण को शांत एवं सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में ध्वनि प्रदूषण में कमी देखने को मिलेगी। बैठक में तहसीलदार मनोज दिवाकर, नगर परिषद इंजीनियर नंदकिशोर गोस्वामी सहित नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी प्रमुख डीजे संचालक उपस्थित रहे।









