शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फूलिया खुर्द में प्रार्थना सभा में संचिना संस्था के संस्थापक व रंगकर्मी रामप्रसाद पारीक ने बाल विवाह पर रोमांचक नाटक की प्रस्तुति दी।नाटक के दौरान विद्यालय के बालक हँसते-हँसते लोटपोट हो गए।
पारीक ने नाटक के माध्यम से सन्देश दिया कि बाल विवाह एक कुप्रथा है जिससे समाज का विकास अवरुद्ध हो जाता है। अपरिपक्व अवस्था में विवाह हो जाने से शारीरिक-मानसिक विकास पूरा नहीं हो पाता है।
अल्पायु में ही जिम्मेदारियों का बोझ बच्चों को दबा देता है। उन्हें न शिक्षा पूरी मिल पाती है और न ही समझदारी विकसित हो पाती है। इस कुप्रथा का आज भी गांवों में प्रचलन है। समाज के सभी लोगों को इसके विरूद्ध खड़ा होना पड़ेगा तभी इस कुप्रथा को रोका जा सकता है।
पारीक ने बच्चों से संवाद कर कहा कि हमे स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए। स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। ‘शौच के लिए सोचो’ पंक्ति के माध्यम से खुले में शौच न करने का संदेश दिया।
तथा ‘मैं पेड़ हूँ’ कविता के माध्यम से हरे पेड़ नहीं काटकर पर्यावरण की सुरक्षा का सन्देश दिया।पारीक ने प्रधानाचार्य को संचिना संस्था का मोमेंटो भेंट किया।
कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य बनवीर सिंह राठौड़ व समस्त स्टाफ मौजूद रहे। स्थानीय विद्यालय के अध्यापक ओम माली ‘अंगारा’ ने आभार व्यक्त किया।








