अंधेर नगरी, पिपलिया रसोड़ा । फेसबुक व्हाट्सप्प ट्विटर पर वीडियो हो रहे हैं वायरल l
गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र राष्ट्रीय पर्व पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति कथित अपमान का मामला सामने आने से जिले में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है।
26 जनवरी 2026 को ग्राम पिपलिया रसोड़ा स्थित शासकीय हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षक राधेश्याम विजयवर्गीय पर आरोप है कि उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीर प्रदर्शित नहीं की और आपत्ति जताने पर छात्रों व नागरिकों से आपत्तिजनक भाषा में जवाब दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रनिर्माता डॉ. अंबेडकर की तस्वीर न लगाए जाने पर जब कुछ छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया, तो शिक्षक ने कथित तौर पर कहा—“मेरी मर्जी है, मैं जिसकी तस्वीर लगाऊं। चाहो तो मेरे खिलाफ रिपोर्ट कर दो।”
इस कथन के बाद मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि यह टिप्पणी न केवल संवैधानिक मूल्यों की अवहेलना मानी जा रही है, बल्कि एक बदतर जातिवादी सोच का प्रदर्शन करती है और साथ ही शैक्षणिक परिसर में अनुशासन, समावेशिता और समानता के सिद्धांतों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि विद्यालय लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन का केंद्र होते हैं, जहां संविधान और उसके निर्माताओं के प्रति सम्मान सिखाया जाता है।
ऐसे में एक शिक्षक द्वारा गणतंत्र दिवस पर बाबा साहेब अंबेडकर की उपेक्षा और विरोध करने वालों को चुनौती देना, सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि इस तरह की मनमानी और कथित भेदभावपूर्ण सोच से छात्रों के बीच गलत संदेश जाता है।
घटना के बाद प्रशासन से मांग की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि आरोप सत्य पाए जाएं तो कठोर कार्रवाई हो। सामाजिक संगठनों ने इसे केवल एक तस्वीर का मुद्दा नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के सम्मान से जुड़ा प्रश्न बताते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में चुप्पी, लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ समझौता होगी।









