दतिया। जिले में जनसुनवाई व्यवस्थाओं को मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े द्वारा मंगलवार को सीएम हेल्पलाइन (181) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विभागीय अधिकारी समय सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं कर रहे है, जिससे शिकायतें उच्च स्तर तक लंबित हो रही है और समाधान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए है।
कलेक्टर वानखड़े ने बैठक में स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल शासन का अत्यंत संवेदनशील एवं प्राथमिकता वाला मंच है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर शिकायत दर्ज कराते है। ऐसे में समयसीमा में शिकायतों का निराकरण न करना, जनहित की सीधी अवहेलना है।
उन्होंने कहा कि जिले में लंबित शिकायतों के चलते न केवल आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है।
इन अधिकारियों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस समीक्षा में लापरवाही पाए जाने पर निम्न अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, 1. राजीव वशिष्ठ – उप संचालक, कृषि विकास,2. अनिल दीक्षित – अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन विभाग, 3. डॉ. गोवर्धन दास – उप संचालक, पशुपालन विभाग, 4. मनोज दिवाकर – नायब तहसीलदार, वृत्त मंगरौल,5. जगदीश घनघौरिया – तहसीलदार, रिछाई,
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे तीन दिवस के भीतर समक्ष उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें और बताएँ कि क्यों न उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सभी विभागों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में प्रशासनिक स्तर पर यह कदम शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

























