दतिया। शहर के छोटे व्यापारियों, पथ विक्रेताओं और रेहड़ी–पटरी संचालकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए दतिया नगर पालिका परिषद ने केंद्र सरकार द्वारा निर्देशित स्वनिधि संकल्प अभियान की शुरुआत कर दी है।
यह अभियान 3 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 तक चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आसान शर्तों पर ऋण, डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोत्साहन राशि और व्यवसाय विस्तार हेतु आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, अभियान का उद्देश्य, स्वनिधि संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पथ विक्रेताओं को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के ऋण उपलब्ध कराना है,
ताकि वे अपने व्यवसाय को व्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से चला सकें। साथ ही डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देकर उन्हें आधुनिक व्यापारिक प्रणाली से जोड़ना भी इस अभियान का एक प्रमुख लक्ष्य है।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने दी महत्वपूर्ण जानकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दतिया, नागेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि अभियान में शामिल होने वाले लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया,पहली बार ऋण लेने वाले विक्रेताओं को अधिकतम 15,000 रुपये तक का प्रारंभिक ऋण मिलेगा।समय पर ऋण चुकाने वालों को दूसरी किश्त में 25,000 रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
लगातार समय पर भुगतान करने और व्यवसाय को विस्तार देने की इच्छा रखने वाले लाभार्थियों को तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का ऋण भी स्वीकृत किया जाएगा।डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाले लाभार्थियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें डिजिटल भुगतान अपनाने में आसानी होगी।
पथ विक्रेताओं के लिए सुनहरा अवसर, नगर पालिका ने शहर के सभी पथ विक्रेताओं, फुटपाथ दुकानदारों और छोटे कारोबारियों से अपील की है कि वे इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने व्यवसाय को सुदृढ़ बनाएं।
स्वनिधि ऋण पूरी तरह बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो सामान्यतः बैंक ऋण प्राप्त नहीं कर पाते। अभियान से जुड़ी पूर्ण जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेजों के संबंध में मार्गदर्शन के लिए इच्छुक विक्रेता दतिया नगर पालिका परिषद की एनयूएलएम (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) शाखा से संपर्क कर सकते है।
स्वनिधि संकल्प अभियान छोटे व्यापारियों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलेगी।

























