जबलपुर हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश 60 दिन में जानकारी देकर पेश करो रिपोर्ट !
खुटार पंचायत में लंबे समय से सरपंच सरिता पनिका और पंचायत सचिव ने फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि पर डाका डालते हुए वर्षों से सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया और ग्राम पंचायत की विकास निधि को निजी लाभ के लिए खर्च किया, जिसके चलते जिला पंचायत सिंगरौली में सचिव के उपर धारा 92 के तहत् FIR दर्ज कर ली गई है और सरपंच के उपर धारा 40 दर्ज करने के लिए कार्यवाही चल रही है।
इन्हीं भ्रष्टाचार की सच्चाई उजागर करने के लिए मैंने यानी लक्ष्मी नारायण — ग्राम पंचायत खुटार में RTI दायर की, पर जवाब नहीं मिला।
➡️ प्रथम अपील जनपद पंचायत बैढ़न में की कोई जवाब नहीं।
➡️ द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग भोपाल में की वहाँ भी चुप्पी।
“आख़िरकार, 30 अप्रैल 2025 को मैंने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में अपनी याचिका दायर की मेरे ओर से इस प्रकरण में #जबलपुरअधिवक्ताश्रीनीलमशाह एवं #सुप्रीमकोर्टअधिवक्तागौरवप्रकाश_शाह ने पैरवी की
और आज आखिर कार 13 नवंबर 2025, को न्यायालय ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट आदेश दिया है कि

“राज्य सूचना आयोग भोपाल 60 दिनों के भीतर संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करे।”
यह आदेश उन सभी के लिए एक कड़ा संदेश है जो जनता के पैसों से खिलवाड़ कर रहे हैं।
पंचायत में पारदर्शिता की मांग अब जनता की आवाज़ बन चुकी है — और अब कोई इसे दबा नहीं पाएगा।
आवेदक लक्ष्मी नारायण ने कहा:
“हमने केवल सच्चाई और पारदर्शिता की मांग की है।
हाईकोर्ट का यह फैसला जनता के हक का पहला कदम है — अब पूरा सच सामने आकर रहेगा, लगा लो जितना दम लगाना है, इस बार भी खरीद सकते हो तो खरीद लो डाकिया पोस्टमैन को किसको-किसको पैसे बाटोगे नेता मंत्री विधायक को लगा लो जिसको लगाना हो कोर्ट के आगे सब नत मस्तक होंगे।
























