शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-खटीक (चन्देरिया) परिवार 35 वर्षो से धनोप माता रानी के नवरात्रि का व्रत करते है माँ दुर्गा सप्तशती का पाठ करते है।चन्देरिया परिवार नवरात्रि के एक दिन पूर्व अपने पूर्वज शती,जुझार व पितर को भोग लगाते है
व उसके दूसरे दिन से नो दी के नवरात्रि का व्रत करते है और सप्तमी को धनोप माता रानी के पैदल चलकर माता रानी को नो मीटर की पोशाक व कासे का भोग चढ़ाते है शुभ दर्शन कर अपने निवास स्थान पर नो कन्या व एक भैरव को भोजन करवाते है नो कन्या को सबसे पहले उनके पैर धोते है उनके हाथ मे लच्छा बांधते है
व तिलक लगाकर उनको भोजन कराते है अंत मे नो कन्या व एक भैरव के चरणों मे नतमस्तक होकर आशीर्वाद लेते है।चन्देरिया परिवार का कहना है कि धनोप माता रानी हर भक्तो के कार्य फूल-पाती देकर पुर्ण करती है।
माता रानी फूल और पाती के कारण ही प्रसिद्ध है।फूल और पाती से ही लोगो के सारे बिगड़े कार्य पुर्ण हो जाते है।माता रानी के बहुत से दूर दराज से लोग दर्शन करने आते है।
चन्देरिया परिवार के सदस्य धनराज चन्देरिया, कंचन चन्देरिया, राजेन्द्र चन्देरिया, सुशीला चन्देरिया, सुरेन्द्र चन्देरिया, ललिता चन्देरिया,निल चन्देरिया, महिमा चन्देरिया, हेतल चन्देरिया, गरिमा चन्देरिया व दक्ष चन्देरिया आदि अष्टमी के दिन सभी व्रत रखते है साम को भोजन करते है।









