श्री विश्वकर्मा महापंचायत संघठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे नीमच, भाजपा पर लगाए उपेक्षा के आरोप
नीमच। नीमच में श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन ने शनिवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय जांगिड़ ने समाज में फैली गहरी नाराज़गी को ज़ाहिर किया।
मध्यप्रदेश सरकार के हालिया फैसले से विश्वकर्मा समाज को झटका लगा है—सरकार ने विश्वकर्मा समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया। समाज के लोगों का कहना है कि पूरे प्रदेश में लगभग 32 लाख विश्वकर्मा मतदाता हैं, हर विधानसभा क्षेत्र में पाँच से दस हज़ार वोट उनकी संख्या है, फिर भी उन्हें सत्ता और संगठन दोनों में लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है।
विनय जांगिड़ ने बताया कि 1956 से अब तक न लोकसभा और न ही विधानसभा चुनाव में समाज के किसी भी सदस्य को टिकट मिला। हाल ही में बनी भाजपा की ज़िला कार्यकारिणी में भी समाज को स्थान नहीं दिया गया।उनका कहना था कि विश्वकर्मा समाज का 99 प्रतिशत हिस्सा भाजपा समर्थक है, इसके बावजूद उन्हें कभी राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
प्रेस वार्ता में समाज ने अपनी प्रमुख माँगें भी स्पष्ट रूप से रखीं—पाँच व्यक्तियों को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट, पाँच को भाजपा के प्रदेश और ज़िला संगठन में स्थान, एक व्यक्ति को लोकसभा टिकट, और निगम-मंडल में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देने की बात।समाज ने चेतावनी दी कि यदि उनकी उपेक्षा का यह सिलसिला आगे भी जारी रहा तो मजबूरी में कठोर राजनीतिक फैसले लेने पड़ेंगे।









