मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल कार्यालय भोपाल में हंगाम, स्टाफ पर छात्र को पीटने का आरोप
भोपाल : मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल कार्यालय में एक छात्र के साथ बंद कमरे में मारपीट किए जाने की घटना ने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रजिस्ट्रेशन संबंधी काम से पहुंचे युवक और गार्ड के बीच सामान्य कहासुनी के बाद अचानक हालात बिगड़ गए, जिसके बाद स्टाफ पर युवक को कमरे में बंद कर पिटाई करने का आरोप लगा है।
मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल के प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को एक छात्र के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। इंदौर से रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल कराने इंदौर से आए युवक और गार्ड के बीच हुई सामान्य कहासुनी देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई।
इस घटना ने कार्यालय की कार्यप्रणाली और स्टाफ के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवक किसी जरूरी कार्य से फार्मेसी काउंसिल कार्यालय पहुंचा और संबंधित अधिकारी से मिलने की अनुमति मांग रहा था।
गार्ड द्वारा प्रवेश रोकने पर दोनों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि इसके बाद कार्यालय के कुछ कर्मचारियों ने युवक को भीतर एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और सामूहिक रूप से उसकी पिटाई कर दी।
कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुई इस घटना से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
वहीं पीड़ित युवक इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है। घटना ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की मनमानी और दबंगई किस हद तक बढ़ चुकी है।
छात्र बोला मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी मारा
घटना का एक वीडियो सामने आया है जिसमें में छात्र रोते हुए बता रहा है कि उसका नाम तुषार सुनार है। फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन, केके यादव, गोपाल यादव और अन्य अधिकारियों ने उस पर हाथ उठाया।
उसे घसीटकर अंदर ले जाया गया। उसके निजी अंग पर भी चोट लगी और खून बह रहा है।तुषार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले में कार्रवाई की जाए। तुषार ने बताया कि गार्ड ने उसका कॉलर पकड़कर धक्का दिया।
जब उसने खुद को छुड़ाया तो गार्ड पीछे की ओर गिर गया और चैनल से टकराया। इसके बाद पूरा स्टाफ बाहर आया और तुषार के अनुसार सभी अधिकारी उसे घेरकर मारने लगे।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इसकी पुष्टि की कि पहले गार्ड ने कॉलर पकड़ा और फिर मारपीट शुरू हुई। तुषार ने यह भी कहा कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया ताकि सबूत मौजूद रहे। लेकिन वीडियो बनते देख अधिकारी नाराज हो गए।
उसका फोन छीन लिया गया और वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया। उसे घसीटकर कमरे में बंद किया गया। अध्यक्ष संजय जैन खुद मारपीट कर रहे थे। वायरल फुटेज में 3-4 लोग तुषार को जमीन पर घसीटते हुए अंदर ले जाते स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
लोग बोले- पुलिस खड़ी देखती रहीघटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि वहां एक पुलिसकर्मी मौजूद था, लेकिन उसने तुषार को बचाने की कोशिश नहीं की। अधिकारी युवक को पुलिस के हवाले करने के बजाय खुद ही “सजा देने” में लगे रहे।
एक महिला प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि अधिकारी धमकी दे रहे थे कि अगर कोई वीडियो बनाएगा तो उसका रजिस्ट्रेशन या रिनुअल नहीं किया जाएगा।
तुषार और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि फार्मेसी काउंसिल अध्यक्ष संजय जैन समेत अन्य अधिकारी केके यादव, गोपाल यादव और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज हो और कड़ी कार्रवाई की जाए।
लंबे समय से कई कार्य अटके पड़ेउधर, छात्रों का कहना है कि काउंसिल में लंबे समय से कई कार्य अटके पड़े हैं, इसी वजह से आवेदक परेशान होकर बार-बार कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
इस बीच हुई मारपीट ने विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। फार्मेसी काउंसिल प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।









