व्यक्तिगत निरीक्षण – श्रीमती नमिता बौरासी—“दोषसिद्ध बंदियों की स्थिति की हुई जांच पड़ताल – कोई भी कैदी सजा पूरी करने के बाद जेल में नहीं—उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में जिला जेल शाजापुर का व्यक्तिगत निरीक्षण किया गया।
इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती नमिता बौरासी एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती शिखा शर्मा ने जिला जेल शाजापुर का आज व्यक्तिगत निरीक्षण और भ्रमण किया।निरीक्षण के दौरान 130 दोषसिद्ध बंदियों के अभिलेखों की गहन जाँच की गई।
इसमें यह सुनिश्चित किया गया कि ऐसा कोई भी कैदी नहीं है, जिसने अपनी संपूर्ण सजा की अवधि पूर्ण कर ली हो, फिर भी जेल में निरुद्ध हो। जेल प्रशासन को यह भी अवगत कराया गया कि यदि कोई बंदी सजा की अवधि पूरी कर चुका है और किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है,
तो उसकी तत्काल रिहाई सुनिश्चित की जाए।इस अवसर पर निरीक्षण में जेल अधीक्षक श्री दुष्यंत कुमार पगारे, उप जेल अधीक्षक श्री सुनील मंडलेकर, जेल स्टाफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल तथा लीगल एड क्लिनिक से जुड़े पैरालीगल वॉलेंटियर्स (PLVs) भी उपस्थित थे।









