दतिया। आज दिनांक 26/01/2026 को सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ़ मे 77वां गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा
ध्वजारोहण, राष्ट्रगान एवं वंदना के साथ किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. के.के.अमरैया जी
(दन्त रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय दतिया) मनोज जी गुप्ता (प्रबंधक/प्राचार्य केशव बाल विकास समिति) उपस्थित रहे
इसके पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने मॉ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन किया तथा मॉ सरस्वती की वन्दना विद्यालय के संगीत आचार्य श्री विनोद पुरोहित, भैया चिराग गजवानी, बहन निधि पाठक, रिद्धिमा, नैंसी बिदुआ, खुशी यादव
द्वारा कराकर कार्यक्रम की शुरूआत हुई,अतिथियों का परिचय विधालय के परीक्षा प्रमुख जगदीश कुशवाहा जी द्वारा कराया गया। इसके पश्चात कन्या भारती की बहन अनुराधा पटवा एवं किशोर भारती के प्रधानमंत्री भैया अंकित बघेल द्वारा अतिथि स्वागत किया गया तत्पश्चात विद्यालय के भैया बहिनों ने देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम
प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि डॉ अमरैया जी ने अपने उद्बोधन में कहा की आज हम सभी आजादी का 77वां महोत्सव मना रहे है हमारे महान स्वतन्त्रता सेनानियों के कड़ी मेहनत और संघर्ष के पश्चात् ही भारत को पूर्ण स्वाधीनता मिली है
एवं भारत हमारी मातृभूमि है और हम इनकी संतान है। हमें हमेशा इसको बुरे लोगों से बचाने के लिये तैयार रहना चाहिये। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने देश को आगे की ओर नेतृत्व करें और इसे दुनिया का सबसे अच्छा देश बनाएं और अपने देश और समाज के लिए हमें एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।
विद्यालय के प्रबंधक/प्राचार्य मनोज जी गुप्ता ने सभी को सम्बोधित करते हुये कहा कि स्वाधीनता का ठीक प्रकार से पालन तभी हो सकता है जब हम ठीक प्रकार से शिक्षा ग्रहण करके देश के प्रति सम्मान एवं समर्पण का भाव रखें।कार्यक्रम के अन्त में मनोज भटनागर जी ने आये हुये अतिथि तथा कार्यक्रम में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से जुड़े हुये सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोज जी गुप्ता (प्रबंधक/प्राचार्य केशव बाल विकास समिति) ने की, संचालन विद्यालय की बहन निशि पाठक, वेदिका भार्गव के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन वंदेमातरम गायन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य/दीदीयां एवं भैया/बहिनें उपस्थित रहें।









