सीहोर जिले में किसानों की समस्याओं पर भारतीय किसान संघ का ज्ञापन: कलेक्टर को सौंपी गई मांगें
सीहोर, 16 सितंबर 2025: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में किसानों की बढ़ती समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ (बीकेएस) के कार्यकर्ताओं ने आज जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन किसानों के विभिन्न मुद्दों, जैसे फसल नुकसान का मुआवजा, खाद और बीज की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं की कमी तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मांगों पर केंद्रित था।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह कदम किसानों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को हल करने के उद्देश्य से उठाया गया है।ज्ञापन सौंपने के दौरान बीकेएस के जिला अध्यक्ष ने कहा, “सीहोर जिले के किसान वर्षा ऋतु में प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
खरीफ फसलों जैसे सोयाबीन, मक्का और धान को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी तक न तो सर्वे पूरा हुआ है और न ही मुआवजा वितरित किया गया। हम कलेक्टर महोदय से अपील करते हैं कि इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करें, अन्यथा किसान बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
“ज्ञापन में मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:फसल नुकसान का सर्वे और मुआवजा: ओलावृष्टि और बाढ़ से प्रभावित फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, फसल बीमा क्लेम की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
खाद और बीज की उपलब्धता: रबी फसल के लिए खाद और बीज की कमी को दूर करने के लिए समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसानों ने शिकायत की कि कालाबाजारी के कारण वे ऊंची कीमतों पर मजबूर हो रहे हैं।
सिंचाई और बिजली सुविधाएं: नहरों की मरम्मत और बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसान अपनी फसलों को बेहतर तरीके से सींच सकें।
समर्थन मूल्य और खरीदी: धान और अन्य फसलों की खरीदी केंद्रों पर देरी और रिजेक्शन की समस्या का समाधान हो।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
अन्य मुद्दे: बेसहारा पशुओं की समस्या, कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद आश्वासन दिया कि सभी मांगों पर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
फसल नुकसान के सर्वे को तेज किया जाएगा और मुआवजे की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। हम बीकेएस के साथ मिलकर इन मुद्दों का समाधान निकालेंगे।
“यह घटना मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी किसान संगठनों द्वारा की जा रही समान कार्रवाइयों का हिस्सा लगती है, जहां हाल ही में जबलपुर, नर्मदापुरम और छबड़ा जैसे क्षेत्रों में भी बीकेएस ने स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो राज्य स्तर पर धरना-प्रदर्शन तेज हो सकते हैं।यह खबर किसानों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है, और स्थानीय मीडिया में इसे प्रमुखता से स्थान दिया जा रहा है। जिले के किसान उम्मीद कर रहे हैं कि यह ज्ञापन वास्तविक बदलाव लाएगा।









