कमीशन के लालच में साइबर ठगों के मददगार गिरोह का भंडाफोड़..6 आरोपी पुलिस थाना एरोड्रम की गिरफ्त में।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पुलिस कमिश्नर नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में *साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान* के अंतर्गत थाना एरोड्रम पुलिस ने एक *संगठित अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश* करते हुए 6 आरोपियों को *गिरफ्तार* किया है, जो कमीशन के लालच में युवाओं के *बैंक खाते “किराये”* पर उपलब्ध कराकर *साइबर ठगी* की रकम को विदेश भेजने का काम कर रहे थे।
मामले का संक्षिप्त विवरण- यह मामला फरियादी निवासी कृष्णबाग कॉलोनी की शिकायत पर पंजीबद्ध हुआ, जिसमें शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर अज्ञात साइबर ठगों ने उनसे ₹1,63,600/- की ठगी की थी।जिस पर थाना एरोड्रम में अपराध क्रमांक 907/25, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।पुलिस टीम द्वारा बैंक ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित नेटवर्क के संकेत मिले।
पुलिस ने खाताधारक तोफिक रहमानी (निवासी नूरानी नगर) को पकड़ा गया, जिसने खुलासा किया कि वह कमीशन के बदले अपने और अपने भाई के बैंक खाते किराये पर देता था।
मुख्य सूत्रधार की गिरफ्तारी: तोफिक की निशानदेही पर हिमांशु वर्मा को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूरे नेटवर्क का संचालन करना स्वीकार किया।
अन्य आरोपी: हिमांशु की जानकारी पर उसके साथी फरहान, जितेंद्र रावल एवं प्रवीण चौहान को भी गिरफ्तार किया गया।
आरोपी युवाओं को *“घर बैठे कमाई” और “कमीशन” का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे।
साइबर ठगी, अवैध गेमिंग और फर्जी निवेश से प्राप्त धन इन खातों में डलवाया जाता था।
पैसा आते ही उसे USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर चीनी कंपनियों को ट्रांसफर कर दिया जाता था ताकि ट्रेस करना मुश्किल हो जाए।
बरामदगी- आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 15 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है ताकि अब तक के कुल लेन-देन की राशि का पता लगाया जा सके तथा गिरोह के नेटवर्क का पता लगाकर संलिप्त अन्य लोगो के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
⚠️ जनहित में अपील (Public Advisory)
इंदौर पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि —सोशल मीडिया पर मिले जॉब के झूठी पोस्ट पर विश्वास न करें, व संपर्क करने से पहले जॉब की सच्चाई जान ले ❌ अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड या ओटीपी किसी को भी उपयोग हेतु न दें।
यदि आपके खाते का उपयोग अपराध में हुआ तो आप भी कानूनी रूप से दोषी माने जा सकते हैं।
किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑफर की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एरोड्रम एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









