शाहपुरा- राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-भीलवाड़ा में एक नया बवंडर उठा है, और इस बार निशाने पर हैं वो तथाकथित “गायक कलाकार”, जो अपने गानों में गैंगस्टरों, हिस्ट्री शीटरों और खनन माफियाओं की शान में कसीदे पढ़ते हैं!
जी हां, भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने इन “बदमाशी के बखान” करने वाले गायकों की गर्दन नापने का बीड़ा उठाया है। ये वो गायक हैं, जो अपने गानों से अपराधियों का हौसला बढ़ाते हैं और युवाओं के दिमाग में गलत रास्ते का बीज बोते हैं। लेकिन अब, भीलवाड़ा पुलिस ने इनकी “माइक की मस्ती” पर ब्रेक लगा दिया है!ये गायक अपने गीतों में अपराधियों को हीरो बनाकर पेश करते हैं।
गैंगस्टरों की “दबंगई” और माफियाओं की “रौबदारी” को ग्लैमराइज करते हुए ये गाने सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं। नतीजा? युवा पीढ़ी इन बदमाशों को रोल मॉडल मानने लगती है। लेकिन एसपी धर्मेंद्र यादव ने साफ कर दिया है कि अब न तो ऐसे गाने चैन की नींद सोएंगे, न ही इनके गायक! पुलिस ने इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, और ये पहल निश्चित ही अपराध की दुनिया में कदम रख।









