शस्त्र और शास्त्र का सामंजस्य करना पड़ेगा :- सुरेंद्र जी
दतिया। दिनांक 10 जनवरी 2026 को दोपहर 1:00 बजे से समस्त हिंदू समाज द्वारा शुभांरभ मैरिज गार्डन झांसी रोड दतिया में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें दिनारा रोड से कार्यक्रम स्थल तक शोभा यात्रा निकाली गई
जिसमें सैकड़ो महिलाएं एवं पुरुष सम्मिलित हुए कार्यक्रम का शुभारंभ तुलसी पूजन एवं गौ माता पूजन के साथ किया गया तथा महापुरुषों के चित्रों की प्रदर्शनी एवं राष्ट्रीय साहित्य वितरण हेतु पुस्तकों का स्टाल भी लगाया गया मातृशक्ति के रूप में अपने उद्बबोधन में प्रियंका गुप्ता ने पंच परिवर्तन के पांचो विषय जिसमें सामाजिक समरसता
कुटुंब प्रबोधन पर्यावरण स्व का बोध एवं नागरिक शिष्टाचार आदि विषयों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज हमें अपने जीवन में एवं परिवार में पंच परिवर्तनों को लाना है अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार देना है
उनके खान-पान वेशभूषा रहन-सहन भ्रमण आदि पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में सुरेंद्र जी (प्रांत संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद मध्य भारत प्रांत) ने अपने उद्बबोधन में कहा कि आज हम सब किसी जाति वर्ग के आधार पर नहीं बल्कि सिर्फ हिंदू होने के नाते इस हिंदू सम्मेलन के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए हैं
हमारा हिंदू धर्म चिर पुरातन है इसे अनेकों आक्रमणकारियों ने मिटाने का प्रयास किया परंतु सनातन धर्म को मिटाने के लिए कोई भी शक्ति इस धरा पर उत्पन्न नहीं हुई है
और हमारा गौरवशाली इतिहास नारी शक्ति के शौर्य से भरा हुआ है हमारे अनेक वीरांगनाओं ने विधर्मियों को सबक सिखाया है उन्होंने संघ की 100 वर्ष की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज हम सब संघ का शताब्दी वर्ष मना रहे हैं इन 100 वर्षों में अनेकों राष्ट्र हित के बड़े-बड़े कार्य हुए हैं
जिसमें राम मंदिर भी एक उदाहरण के रूप में है संघ राष्ट्रहित के लिए 100 वर्षों से संघर्ष करता आ रहा है 1925 में हिंदू समाज को एकत्रित करने का कार्य डॉक्टर हेडगेवार जी ने किया था हमें हमें भी अपने-अपने क्षेत्र में हिंदू समाज को जोड़ने का कार्य प्रत्येक हिंदू को अपने स्तर पर करना अनिवार्य है आज पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन की आवश्यकता है
जिससे भारत मजबूत होगा आज हमें शास्त्र और शास्त्र दोनों का सामंजस्य करना पड़ेगा मातृशक्ति को भी शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र संचालन भी करना होगा और जीजाबाई बनकर अपने बच्चों को शिवाजी और महाराणा प्रताप बनाना होगा हिंदू समाज का मनोबल बड़े ऐसा कार्य प्रत्येक हिंदू को मिलकर करना होगा यह कार्य संघ अच्छी प्रकार से कर रहा है आज अयोध्या में जो भगवान श्रीराम का राम मंदिर निर्माण संभव हुआ है
वह कर सेवकों के बलिदान की नींव पर हुआ है राम मंदिर के निर्माण में संघ के स्वयंसेवकों के योगदान को बुलाया नहीं जा सकता है संस्कार निर्माण के लिए संघ की शाखाएं देशभर में चल रही हैं जिनमें अनुशासन और संस्कार के दर्शन होते हैं। मंच पर संत के रूप में हनुमानगढ़ी मंदिर के महाराज जी मंचासीन रहे कार्यक्रम के अंतमें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।








