कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने दिए सख्त निर्देश, 33 केंद्रों पर कड़ी निगरानी।
दतिया। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा 2026 को पूर्णतः पारदर्शी, नकल रहित एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में कलेक्टर प्रतिनिधि, केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि बोर्ड परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकल अथवा लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर वानखड़े ने निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी रेंडमाइजेशन के माध्यम से लगाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश द्वारों सहित प्रश्न पत्र कक्ष के बाहर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहें। प्रश्न पत्र बॉक्स केवल सीसीटीवी निगरानी में ही खोले जाएं और उसी विषय का प्रश्नपत्र खोला जाए, जिसकी परीक्षा निर्धारित हो।
किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि परीक्षा दिवस पर विद्यार्थियों का प्रवेश सुबह 8.30 बजे तक ही किया जाएगा। विशेष परिस्थिति में कारण दर्ज करते हुए अधिकतम 8.45 बजे तक ही प्रवेश दिया जा सकेगा, जिसकी जांच एवं संज्ञान कलेक्टर प्रतिनिधि द्वारा लिया जाएगा।
परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ की स्थिति बनने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी निजी या अनधिकृत व्यक्ति का परीक्षा केंद्र में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस बल की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा सभी एसडीएम अपने-अपने अनुभाग के परीक्षा केंद्रों पर धारा 144 लागू करें, ताकि परीक्षा के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनी रहे।
कलेक्टर वानखड़े ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर प्राथमिक उपचार हेतु मेडिकल किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। 30 तारीख तक सभी प्राचार्यों की बैठक आयोजित कर निजी विद्यालय संचालकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए जाएं।
केंद्राध्यक्षों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय प्रवेश पत्र एवं पेन के अतिरिक्त किसी भी सामग्री की सघन तलाशी के बाद ही अनुमति दी जाए। सभी पर्यवेक्षकों को कक्षा में प्रवेश से पूर्व अपने मोबाइल फोन कंट्रोल रूम में जमा कर रसीद लेना अनिवार्य होगा।
परीक्षा केंद्रों पर 3 से 4 स्थानों पर बैठक व्यवस्था की सूचना चस्पा की जाए, ताकि छात्रों को भ्रम न हो और अनावश्यक भीड़ न लगे, विद्यार्थियों के प्रवेश के समय अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए जाएं। संवेदनशील एवं अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पर्यवेक्षकों की ड्यूटी न केवल रेंडमाइजेशन से लगाई जाएगी, बल्कि निर्धारित प्रश्नपत्र के बाद परीक्षा अवधि में केंद्र परिवर्तन भी किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 33 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
नकल रोकने को लेकर विभिन्न रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर वानखड़े ने कहा कि वे स्वयं परीक्षा केंद्रों का निरंतर निरीक्षण करेंगे तथा कलेक्टर प्रतिनिधि पूरी परीक्षा अवधि में केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे समन्वय, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए बोर्ड परीक्षाओं को पारदर्शी, नकलरहित एवं सफल बनाएं। बैठक में अपर कलेक्टर महेन्द्र कवचे, संयुक्त कलेक्टर लोकेन्द्र सरल, श्रुति अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी सुनील शुक्ला सहित जिले के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









