शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा- राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय, शाहपुरा में चल रहे विकास कार्यों और सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्थाओं का बुधवार को उच्चाधिकारियों द्वारा जायजा लिया गया।
अजमेर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शिव सिंह ने दोपहर में चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सालय की कार्यप्रणाली के साथ-साथ हाल ही में किए गए ढांचागत सुधारों की भी विशेष प्रशंसा की।राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय, शाहपुरा में बुधवार को प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली।
अजमेर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शिव सिंह ने दोपहर में चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शिव सिंह ने चिकित्सालय के रिकॉर्ड्स, औषधियों की उपलब्धता और ओपीडी सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सालय की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली और स्टाफ की कर्तव्यनिष्ठा पर संतोष व्यक्त करते हुए समस्त कार्यों की सराहना की।
मुख्य द्वार बदलने से मरीजों को मिली बड़ी राहतनिरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने चिकित्सालय के मुख्य द्वार को ‘महलों के चौक’ में खोलने के निर्णय को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है।
पूर्व में गेट की स्थिति के कारण पार्किंग की भारी समस्या रहती थी, लेकिन अब पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध होने से मरीजों और परिजनों को राहत मिली है।दिव्यांगजनों के लिए सुगम हुआ प्रवेशनया गेट खुलने से अब पैर से विकलांग (दिव्यांग) मरीज या वे रोगी जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं, वे सीधे अपने वाहनों द्वारा चिकित्सालय परिसर के भीतर तक प्रवेश कर पा रहे हैं।
इसके साथ ही, अस्पताल में तैयार किए गए नए वेटिंग एरिया का भी अवलोकन किया गया, जिससे अब मरीजों को अपनी बारी के इंतजार के दौरान बैठने की समुचित सुविधा मिल सकेगी।स्टाफ की तत्परता को सराहाअतिरिक्त निदेशक ने चिकित्सालय के रिकॉर्ड और औषधियों के प्रबंधन को उत्कृष्ट बताया।
इस अवसर पर चिकित्सालय में डॉ. विनीत कुमार जैन, डॉ. दीपिका शर्मा, डॉ. खुशबू प्रजापत, कंपाउंडर रिंकू धाकड़, शीतल शर्मा और भावना चौधरी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। डॉ. शिव सिंह ने टीम वर्क की सराहना करते हुए इसी सेवा भाव को बनाए रखने के निर्देश दिए।
प्रमुख सुधार जो चर्चा में रहे: पार्किंग सुविधा: पुराने गेट पर पार्किंग की कमी थी, जो अब ‘महलों के चौक’ वाले गेट से दूर हो गई है। डायरेक्ट एंट्री: गंभीर और दिव्यांग मरीज अब वाहन से सीधे अंदर आ सकते हैं। प्रतीक्षा कक्ष: मरीजों के बैठने के लिए व्यवस्थित वेटिंग एरिया बनाया गया है।













