धनोप माता के दरबार में भक्ति का महासंगम: भोर तक गूंजे भजन,
10 हजार से अधिक श्रद्धालु रहे मंत्रमुग्ध
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। धनोप-फूलियाकलां क्षेत्र के धनोप माताजी मंदिर प्रांगण में रात्रि में आयोजित “एक शाम धनोप माता के नाम” विशाल भजन संध्या भक्ति, संस्कृति और लोककलाओं का अद्भुत संगम बन गई। रात्रि 10 बजे मां शारदा एवं धनोप माताजी के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला पूरी रात चलता रहा और भोर तक हजारों श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर पांडाल में जमे रहे।कार्यक्रम का आयोजन अनोखी राजस्थानी एवं राजू लाल के तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नाटक के राज्यपाल के ओएसडी शंकरलाल गुर्जर ने की, जबकि शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन, लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोकप्रिय कलाकार राणी रंगीली, गोकुल शर्मा, राजू रावल, पूरण गुर्जर, प्रेमशंकर जाट, प्रकाश माली, प्रभु गदारिया, धर्मराज मेजा, माया गुर्जरी, प्रियंका विश्वकर्मा, बबलू राजस्थानी, आयुष आकोला सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
वहीं पायल आसींद, शालू नागौरी, पिंकी कोटा, मुस्कान कोटा, ममता आसींद, सोनू सैनी एवं अन्य नृत्यांगनाओं के प्रदर्शन ने कार्यक्रम में रंग भर दिए। मंच संचालन विनोद शर्मा, बबलू शर्मा एवं राजा बाबू सैनी ने किया।
मुख्य अतिथि विधायक लालाराम बैरवा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, समन्वय और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि लोक परंपराओं और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए इस प्रकार के आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ओएसडी शंकरलाल गुर्जर ने कहा कि क्षेत्र में पहली बार इतने विशाल स्तर पर आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली। उन्होंने सभी कलाकारों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
भजन संध्या में लगभग 10 हजार महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं में भजनों के प्रति इतना उत्साह दिखाई दिया कि कई लोग कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए पेड़ों पर चढ़ गए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए फूलियाकलां थाना पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा।
अंत में आयोजक अनोखी राजस्थानी एवं राजू लाल ने कार्यक्रम में पधारे अतिथियों, कलाकारों, सहयोगकर्ताओं तथा श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना का ऐतिहासिक आयोजन बताया।















