प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार
स्पीडी ट्रायल मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें-जिलाधिकारी l अपराध नियंत्रण एवं त्वरित न्याय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जिलाधिकारी l
मधुबनी 22 जून 2026
मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में सामान्य वाद, शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट), विशेष अधिनियम एवं स्पीडी ट्रायल से संबंधित लंबित एवं निष्पादित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पूरे माह में विभिन्न न्यायालयों द्वारा सुनाए गए दोषसिद्धि (Conviction) संबंधी मामलों की जानकारी प्राप्त की तथा लंबित मामलों के निष्पादन में आ रही बाधाओं की भी समीक्षा की।
उन्होंने विशेष रूप से यह जानकारी ली कि कहीं थाना, चिकित्सकों अथवा अन्य संबंधित संस्थाओं के अपेक्षित सहयोग के अभाव में कोई मामला लंबित तो नहीं है। बैठक में विशेष लोक अभियोजक (POCSO) द्वारा अवगत कराया गया कि लदनियां थाना अंतर्गत एक मामला डीएनए (DNA) रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के कारण लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारी को गृह विभाग को पत्राचार कर आवश्यक रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में यदि किसी अभियोजन पदाधिकारी को किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा प्रक्रियागत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हो तो उसकी सूचना सीधे उन्हें उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक स्तर पर त्वरित हस्तक्षेप किया जा सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि अपराधियों को शीघ्र दंड दिलाया जा सके।
उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, वैज्ञानिक साक्ष्यों के समुचित संकलन तथा अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया।जिलाधिकारी ने सभी अभियोजन पदाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को न्यायालय में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अभियोजन पदाधिकारी, लोक अभियोजक (PP), अपर लोक अभियोजक (APP), विशेष लोक अभियोजक (SPL PP) एवं थाना प्रभारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जाए।बैठक में न्यायालयों में लंबित मामलों के संबंध में अभियोजन पदाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
साथ ही न्यायालयीय कार्यों के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनकी सूची तैयार की गई, ताकि उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली जिला विधिक अनुश्रवण समिति (DLMC) की मासिक बैठक में उठाया जा सके।
जिलाधिकारी ने इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए दोषसिद्धि दर में और वृद्धि लाने के लिए साक्ष्य संकलन एवं अभियोजन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने सामान्य एवं विशेष वादों के उन मामलों की भी समीक्षा की जिनमें अंतिम निर्णय निकट है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आवश्यक प्रतिवेदन, दस्तावेज एवं साक्ष्य समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें ताकि मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में लंबित आईआर (IR), पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PMR) एवं फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) प्रतिवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय प्रतिवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित कराया जाए, जिससे अनुसंधान एवं अभियोजन कार्य में अनावश्यक विलंब न हो। इसके अतिरिक्त रिहाई से संबंधित मामलों, अभियोजन प्रक्रिया की प्रगति तथा गवाह सुरक्षा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संवेदनशील मामलों में गवाहों की सुरक्षा एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अपराध नियंत्रण, प्रभावी अनुसंधान तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस एवं अभियोजन विभाग को आपसी समन्वय के साथ गंभीर मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा न्यायालय में समय पर चार्जशीट, प्रतिवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक रश्मि, प्रभारी पदाधिकारी विधि शाखा सिम्पा ठाकुर, उत्पाद अधीक्षक विजय कांत ठाकुर सहित लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, विशेष लोक अभियोजक अन्य संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे।
आपदा नही है भारी,यदि पूरी है तैयारी। सजग रहे,सर्तक रहे। किसी भी प्रकार की सहायता या सूचना के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर पर 06276-222576 पर करे संपर्क।















