राजेन्द्र खटीक। उज्जैन-उज्जैन के महाकाल क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और यातायात के भारी दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने आज से सख्त कदम उठाते हुए बड़ा बदलाव किया है। सड़क सुरक्षा समिति के निर्णय के अनुसार, महाकाल घाटी, नीलकंठ द्वार और बेगम बाग जैसे प्रमुख मार्गों पर अब ऑटो, ई-रिक्शा और मैजिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए यह व्यवस्था आज 25 जून से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जिससे इन इलाकों में रेंगते ट्रैफिक और जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि महाकाल मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों जैसे हरिफाटक टी से बेगम बाग, लोहे के पुल से महाकाल घाटी, गुर्दरी चौराहा से महाकाल घाटी और चारधाम मंदिर से हरसिद्धि चौराहा तक के मार्गों पर अब छोटे व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है, जिसके चलते इन व्यस्ततम रास्तों को अब पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा रहा है। पुलिस द्वारा इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जाएगी ताकि यातायात का दबाव नियंत्रित रहे और पैदल चलने वाले दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नए नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जो भी वाहन चालक निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा।
पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में अपना सहयोग प्रदान करें। प्रशासन के इस कड़े रुख से आज से ही महाकाल मार्ग पर यातायात की तस्वीर बदली-बदली नजर आ रही है।














