एक ही दिन में 5 अलग-अलग स्थानों पर गौरक्षा सेना ने किया गोवंश का उपचार, कई गोवंशों को नया जीव.न मिला

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शाजापुर। गौरक्षा सेना शाजापुर के सदस्यों ने एक ही दिन में शहर के 5 अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर घायल एवं बीमार गोवंशों का उपचार कर सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

पहली घटना

विजय नगर स्थित सांदीपनि ज्ञानपीठ स्कूल के सामने गली की है, जहां प्रातः लगभग 9 बजे गौरक्षा सेना के नगर महासचिव हर्षित परमार को सूचना मिली कि एक गोवंश को आवारा कुत्तों ने घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही गौरक्षा सेना के सदस्य तत्काल मौके पर पहुंचे और गोवंश का उचित उपचार किया।

दूसरी घटना में

भूपेंद्र जी सहगल द्वारा गौरक्षा सेना के धर्मेन्द्र शर्मा को सूचना दी गई कि टावर के सामने काशी विश्वनाथ मंदिर के पास एक घर में नंदी महाराज रात से बैठे हुए हैं। टाइल्स पर फिसलने के कारण उनके पैर में चोट लग गई थी और वे खड़े नहीं हो पा रहे थे। सूचना मिलते ही हर्षित परमार, अक्षय गुर्जर, प्रतीक सक्सेना, शिवम बिरथरे एवं प्रीतम चौहान मौके पर पहुंचे। रस्सी की सहायता से नंदी महाराज को सुरक्षित बाहर निकाला गया, उपचार किया गया तथा कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पुनः खड़ा करने में सफलता प्राप्त हुई।

तीसरी घटना

आदित्य नगर, काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने वाली गली की है, जहां गौरक्षा सेना के प्रतीक सक्सेना को सूचना मिली कि एक गाय पिछले दो दिनों से बीमार अवस्था में पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही सभी सदस्य मौके पर पहुंचे और गाय का उपचार किया।

चौथी घटना

लालघाटी स्थित होंडा शोरूम के पास चित्तौड़ मार्बल एवं टाइल्स गोदाम की है, जहां एक नंदी पिछले दिन सुबह से बैठा हुआ था। इसकी सूचना धर्मेन्द्र शर्मा को मिलने पर गौरक्षा सेना के सदस्य तत्काल मौके पर पहुंचे। अथक प्रयास एवं उपचार के बाद नंदी को सफलतापूर्वक खड़ा किया गया।

पांचवीं घटना

निमवाड़ी में भैरू महाराज मंदिर के सामने की है, जहां अंकित शर्मा को सूचना मिली कि एक गाय के शरीर से खून निकल रहा है। सूचना मिलते ही गौरक्षा सेना के सदस्य मौके पर पहुंचे और गाय का तत्काल उपचार कर उसे राहत प्रदान की।गौरक्षा सेना शाजापुर ने कहा कि संस्था के सदस्य 365 दिन, 24 घंटे गोवंश एवं अन्य मूक प्राणियों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

संस्था ने आमजन से भी अपील की है कि कहीं भी कोई गोवंश घायल, बीमार अथवा संकट में दिखाई दे तो तत्काल गौरक्षा सेना को सूचना दें, ताकि समय रहते उसकी सेवा और उपचार किया जा सके।

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